कानपुर: औद्योगिक नगरी कानपुर की सड़कों के नीचे मेट्रो का जाल बिछाने की दिशा में एक और बड़ा मील का पत्थर पार कर लिया गया है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने कॉरिडोर-2 (CSA से बर्रा-8) के तहत रावतपुर से डबल पुलिया के बीच 4.10 किलोमीटर लंबी डाउन-लाइन टनल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। सोमवार को अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (TBM) ‘गोमती’ ने अपना अंतिम ब्रेकथ्रू हासिल करते हुए इस सुरंग का निर्माण संपन्न किया।
टीबीएम ‘गोमती’ की तकनीकी जीत
टनल निर्माण का यह कार्य किसी चुनौती से कम नहीं था। शहर के घने बसे इलाकों और जटिल भूगर्भीय स्थितियों के नीचे टनल बनाना एक तकनीकी चुनौती थी। टीबीएम ‘गोमती’ ने उच्च सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए इस लक्ष्य को हासिल किया। अधिकारियों के अनुसार, टनलिंग के दौरान सतह पर मौजूद इमारतों और जनजीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा, जो इंजीनियरिंग की एक बड़ी मिसाल है।
कनेक्टिविटी में आएगा क्रांतिकारी बदलाव
कॉरिडोर-2 का यह अंडरग्राउंड सेक्शन शहर के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को जोड़ने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। रावतपुर, काकादेव और डबल पुलिया जैसे प्रमुख क्षेत्रों को कवर करने वाली यह टनल कानपुर की लगभग 10 लाख आबादी के लिए सुगम सफर का रास्ता साफ करेगी। रावतपुर स्टेशन एक ‘इंटरचेंज’ स्टेशन के रूप में काम करेगा, जहाँ से यात्री कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 के बीच ट्रेनें बदल सकेंगे।
अगले चरण की तैयारी: अप-लाइन पहले ही तैयार
गौर करने वाली बात यह है कि इस सेक्शन की अप-लाइन टनल का निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है। अब दोनों टनल तैयार होने के साथ ही सिविल वर्क का बड़ा हिस्सा समाप्त हो गया है। अब यूपीएमआरसी यहाँ मेट्रो ट्रैक बिछाने, सिग्नलिंग सिस्टम इंस्टॉल करने और इलेक्ट्रिकल ओवरहेड लाइनों का काम शुरू करेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि सुरक्षा आयुक्त की मंजूरी मिलते ही अगले कुछ महीनों में इस रूट पर ट्रायल रन भी शुरू हो जाएगा।
