हुनर से संवरेगा भविष्य: घाटमपुर की ग्रामीण महिलाओं के हाथों में आई 'स्वावलंबन' की मशीन - NewsKranti

हुनर से संवरेगा भविष्य: घाटमपुर की ग्रामीण महिलाओं के हाथों में आई ‘स्वावलंबन’ की मशीन

कानपुर के घाटमपुर स्थित NUPPL टाउनशिप में 'सेल्फ एम्प्लॉयड टेलर' प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे बैच का भव्य समापन हुआ। 50 से अधिक ग्रामीण महिलाओं ने स्वरोजगार की बारीकियां सीखीं। अब ये महिलाएं घर बैठे अपना काम शुरू कर आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन सकेंगी।

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ख़बर एक नज़र में :
  • आयोजक: NUPPL (नेवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड)।
  • सहयोग: यूनिटी सिंथानिया फाउंडेशन फॉर वोकेशनल एजुकेशन।
  • लाभार्थी: ग्रामीण क्षेत्रों की 50 से अधिक महिलाएं।
  • अवधि: 90 दिवसीय (3 महीने) सिलाई प्रशिक्षण।
  • उपहार: सिलाई मशीन और NSDC प्रमाणपत्र का वितरण।
  • लक्ष्य: महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाना।

घाटमपुर (कानपुर): उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के घाटमपुर स्थित NUPPL (नेवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड) टाउनशिप में सोमवार को एक नई उम्मीद की किरण देखी गई। कंपनी की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के तहत आयोजित ‘सेल्फ एम्प्लॉयड टेलर’ प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे बैच का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस 90 दिवसीय विशेष अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को केवल हुनरमंद बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें उद्यमी के रूप में स्थापित करना भी है।

90 दिनों का गहन प्रशिक्षण और एनएसडीसी की मुहर

यह कार्यक्रम यूनिटी सिंथानिया फाउंडेशन फॉर वोकेशनल एजुकेशन के सहयोग से संचालित किया गया। आसपास के गांवों की 50 से अधिक युवतियों और महिलाओं ने सिलाई-कढ़ाई के आधुनिक गुर सीखे। प्रशिक्षण की गुणवत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सभी प्रतिभागियों को NSDC (नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, जो उनकी योग्यता को सरकारी और निजी स्तर पर प्रमाणित करते हैं।

खाली हाथ नहीं, मशीन के साथ विदा हुईं महिलाएं

समापन समारोह की सबसे खास बात यह रही कि महिलाओं को केवल कागजी प्रमाणपत्र देकर विदा नहीं किया गया। स्वरोजगार को तत्काल गति देने के लिए एनयूपीपीएल ने प्रत्येक प्रतिभागी को एक-एक सिलाई मशीन भी वितरित की।

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इस अवसर पर एक लाभार्थी महिला ने भावुक होकर कहा, “हमारे पास हुनर तो आ गया था, लेकिन मशीन खरीदने के पैसे नहीं थे। अब इस मशीन से मैं घर पर ही कपड़े सिलकर अपने बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च में मदद कर सकूंगी।”

ग्रामीण विकास के लिए मील का पत्थर

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद एनयूपीपीएल के अधिकारियों और ग्राम प्रधानों ने इस पहल की सराहना की। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि जब एक महिला आत्मनिर्भर होती है, तो पूरा परिवार सशक्त होता है। NUPPL के प्रतिनिधियों ने विश्वास दिलाया कि वे भविष्य में भी ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम जारी रखेंगे, जिसमें ब्यूटीशियन, कंप्यूटर शिक्षा और हस्तशिल्प जैसे अन्य क्षेत्रों को भी शामिल किया जाएगा।

समारोह में रही गणमान्य लोगों की उपस्थिति

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण समाज के प्रमुख सदस्य, प्रशिक्षण संस्था के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने महिलाओं के कौशल की प्रदर्शनी भी देखी, जिसमें उनके द्वारा तैयार किए गए परिधानों को प्रदर्शित किया गया था।

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