संस्कार और आधुनिकता का संगम: कानपुर बनेगा वैश्विक शिक्षा का केंद्र - NewsKranti

संस्कार और आधुनिकता का संगम: कानपुर बनेगा वैश्विक शिक्षा का केंद्र

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के ड्रीम प्रोजेक्ट 'गुरुकुल' के लिए कानपुर प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। मंगलवार को सर्किट हाउस में हुई उच्च स्तरीय बैठक में कोविंद ने चकेरी एयरपोर्ट के पास आधुनिक सुविधाओं से लैस सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र बनाने के निर्देश दिए।

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ख़बर एक नज़र में :
  • बैठक का स्थान: सर्किट हाउस, कानपुर।
  • प्रमुख व्यक्तित्व: पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।
  • प्रशासनिक टीम: जिलाधिकारी कानपुर और केडीए के टाउन प्लानर।
  • प्राथमिकता: चकेरी एयरपोर्ट के समीप भूमि का चयन।
  • उद्देश्य: भारतीय संस्कृति और आधुनिक शिक्षा का एकीकृत केंद्र स्थापित करना।

कानपुर। देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपने गृह जनपद कानपुर को शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। उनका महत्वाकांक्षी ‘गुरुकुल प्रोजेक्ट’ अब हकीकत बनने की राह पर है। मंगलवार को शहर के सर्किट हाउस में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान पूर्व राष्ट्रपति ने जिला प्रशासन और कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) के अधिकारियों को इस प्रोजेक्ट के लिए प्राथमिकता के आधार पर जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए।

इस बैठक में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, केडीए के टाउन प्लानर मनोज कुमार और तहसीलदार सदर विनय कुमार द्विवेदी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कोविंद ने स्पष्ट किया कि यह गुरुकुल आने वाली पीढ़ियों के लिए भारतीय मूल्यों और आधुनिक विज्ञान के सेतु के रूप में कार्य करेगा।

चकेरी एयरपोर्ट के पास बनेगा गुरुकुल: कनेक्टिविटी पर विशेष जोर

बैठक के दौरान पूर्व राष्ट्रपति ने गुरुकुल के स्थान को लेकर अपनी प्राथमिकता साझा की। उन्होंने अधिकारियों से चकेरी एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में उपयुक्त भूमि तलाशने को कहा।

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क्यों चुना गया एयरपोर्ट का इलाका?

  • सुगम यातायात: एयरपोर्ट के पास होने से देश-विदेश से आने वाले विद्वानों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को आवागमन में आसानी होगी।
  • विकास की संभावनाएं: चकेरी के पास केडीए की नई योजनाएं भी प्रस्तावित हैं, जिससे संस्थान को भविष्य में विस्तार के लिए पर्याप्त जगह मिल सकेगी।
  • वैश्विक पहचान: अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों के लिए यह एक सुलभ गंतव्य बनेगा, जिससे कानपुर का नाम ग्लोबल मैप पर चमकेगा।

कैसा होगा ‘कोविंद का गुरुकुल’?

पूर्व राष्ट्रपति के विजन के अनुसार, यह गुरुकुल केवल एक इमारत नहीं, बल्कि एक जीवंत दर्शन होगा। बैठक में चर्चा की गई कि:

  1. प्राचीन परंपरा: यहाँ विद्यार्थियों को वेदों, उपनिषदों और भारतीय संस्कृति की गहरी शिक्षा दी जाएगी।
  2. आधुनिक सुविधाएं: शिक्षा केंद्र पूरी तरह से डिजिटल और आधुनिक प्रयोगशालाओं से लैस होगा ताकि छात्र आधुनिक जगत की चुनौतियों का सामना कर सकें।
  3. संस्कार केंद्र: पाठ्यक्रम में नैतिक मूल्यों और चारित्रिक विकास पर विशेष बल दिया जाएगा।

प्रशासनिक हलचल: केडीए ने शुरू की भूखंडों की पहचान

बैठक के बाद केडीए (KDA) की टीम सक्रिय हो गई है। टाउन प्लानर मनोज कुमार के नेतृत्व में एक टीम जल्द ही एयरपोर्ट के निकटवर्ती इलाकों का सर्वे करेगी। भूमि चयन की रिपोर्ट तैयार कर सीधे शासन और पूर्व राष्ट्रपति को भेजी जाएगी। इस बैठक के समापन के बाद रामनाथ कोविंद दोपहर में चकेरी एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

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