कानपुर। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान आईआईटी (IIT) कानपुर के भीतर शनिवार (14 फरवरी 2026) को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब परिसर में तैनात एक 26 वर्षीय महिला जूनियर टेक्नीशियन का शव उसके सरकारी आवास के कमरे में फंदे से लटका पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही आईआईटी प्रशासन और कल्याणपुर थाना पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
जानकारी के अनुसार, युवती शनिवार सुबह ड्यूटी पर नहीं पहुंची थी। उसकी एक महिला सहकर्मी ने जब उसे फोन किया और कोई जवाब नहीं मिला, तो वह उसके कमरे पर पहुंची। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज लगाने के बाद भी जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो सुरक्षाकर्मियों को सूचित किया गया। पुलिस की मौजूदगी में जब दरवाजा तोड़ा गया, तो सामने युवती का शव फंदे से लटक रहा था।
डायरी में दर्ज हैं ‘आखिरी शब्द’: प्रेम-प्रसंग का एंगल?
घटनास्थल पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने बारीकी से कमरे की तलाशी ली। पुलिस को कमरे से एक डायरी और युवती का मोबाइल फोन मिला है। सूत्रों के अनुसार, डायरी के कुछ पन्नों में युवती ने अपने मन की व्यथा और कुछ भावनात्मक बातें लिखी हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच और डायरी में दर्ज तथ्यों से मामला प्रेम-प्रसंग की ओर इशारा कर रहा है। हालांकि, पुलिस अभी किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले डायरी के लेख की हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से जांच कराएगी और मोबाइल के कॉल डिटेल्स (CDR) को खंगालेगी।
खुशियों पर छाया मातम: कुछ दिन बाद ही थी सगाई
इस घटना ने मृतका के परिवार को पूरी तरह झकझोर दिया है। परिजनों के अनुसार, युवती के विवाह की तैयारियां चल रही थीं और कुछ ही दिनों बाद उसकी सगाई होने वाली थी। घर में खुशियों का माहौल था और वह खुद भी अपनी नई जिंदगी की शुरुआत को लेकर उत्साहित दिख रही थी।
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सगाई से ठीक पहले ऐसा क्या हुआ कि एक होनहार टेक्नीशियन को मौत को गले लगाना पड़ा? क्या उस पर किसी तरह का दबाव था या सगाई की बात को लेकर कोई विवाद चल रहा था?
आईआईटी प्रशासन और पुलिस का बयान
कल्याणपुर पुलिस का कहना है कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही समय और कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। आईआईटी प्रशासन ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और पुलिस को जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। सहकर्मियों का कहना है कि युवती स्वभाव से मिलनसार थी, किसी ने नहीं सोचा था कि वह ऐसा कदम उठाएगी।
