कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को झकझोर दिया है, बल्कि खाकी की कार्यशैली पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। सनिगवाँ रोड स्थित दक्षिण मुखी बालाजी मंदिर में मंदिर की ही पुरानी कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष पर दानपात्र तोड़कर करीब 8 लाख रुपये लूटने और फर्जीवाड़े के जरिए मंदिर की समिति पर अवैध कब्जा करने का संगीन आरोप लगा है।
फर्जी हस्ताक्षर से हथियाई ‘श्री बालाजी सेवा समिति’
पुरानी कमेटी के सदस्य शशांक तिवारी उर्फ सोनी तिवारी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि पूर्व कोषाध्यक्ष वेद प्रकाश पाण्डेय ने जालसाजी की सारी हदें पार कर दीं। आरोप है कि वेद प्रकाश ने शशांक और अन्य 15 पुराने सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर ‘श्री बालाजी सेवा समिति’ नाम से एक नई संस्था रजिस्टर्ड करा ली। इस नई कमेटी में उन्होंने अपने ही परिवार के सदस्यों और करीबियों को शामिल कर मंदिर के स्वामित्व पर दावा ठोक दिया।
CCTV बंद किए, लेकिन पुजारी के मोबाइल ने खोल दी पोल
घटना 11 जनवरी 2025 की है। दोपहर करीब 1:30 बजे आरोपी वेद प्रकाश पाण्डेय अपने बेटे सत्यम पाण्डेय (वकील) और साथियों (जीतेन्द्र मिश्रा, बबलू गुप्ता, अविनाश वाजपेई) के साथ मंदिर परिसर में दाखिल हुए। शातिर दिमाग आरोपियों ने सबसे पहले मंदिर के सीसीटीवी कैमरे बंद किए, ताकि कोई सबूत न रहे।
इसके बाद दानपात्र का ताला तोड़कर पिछले 15 महीनों से जमा करीब 8 लाख रुपये की नकदी को बोरियों में भरा गया। आरोपी मंदिर के पिछले दरवाजे से फरार होने ही वाले थे कि मंदिर के पुजारी ने जांबाजी दिखाते हुए अपने मोबाइल से पूरी वारदात का वीडियो बना लिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आरोपी साफ तौर पर रुपये ले जाते दिख रहे हैं।
पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल: आखिर कार्रवाई से क्यों बच रही चकेरी पुलिस?
हैरानी की बात यह है कि घटना के वक्त सदस्यों ने आरोपी के बेटे सत्यम पाण्डेय को पकड़कर 112 नंबर पर सूचना दी थी, लेकिन वह जान से मारने की धमकी देता हुआ भाग निकला। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि चकेरी पुलिस के पास पुख्ता वीडियो साक्ष्य होने के बावजूद मामले में ‘लीपापोती’ की जा रही है। पीड़ित शशांक तिवारी पिछले कई दिनों से न्याय की गुहार लेकर थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन रसूखदार आरोपियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
धमकी का खेल: ‘वकील’ बेटे और पत्नी का खौफ?
पीड़ितों का कहना है कि जब भी मंदिर के संचालन में पारदर्शिता की मांग की जाती है, तो वेद प्रकाश पाण्डेय की पत्नी और उनका वकील बेटा सत्यम पाण्डेय उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी देते हैं। पूर्व में भी इनकी ओर से सदस्यों पर कई मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं, जिससे इलाके के भक्तों में भारी रोष व्याप्त है।
