कानपुर। रावतपुर क्षेत्र में बुधवार को एचडीएफसी बैंक के बीमा विभाग में कार्यरत युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे पहले उसने अपनी फेसबुक स्टोरी पर लिखा था— “अपने दुख का कारण हम खुद हैं।” पोस्ट देखने के कुछ घंटे बाद जब उसका दोस्त कमरे पर पहुंचा तो युवक फंदे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
महोबा निवासी अतुल (26) पिछले तीन साल से कानपुर के रावतपुर मथुरा नगर स्थित पुण्य प्रताप शुक्ला के मकान में किराए पर रह रहा था। वह एचडीएफसी बैंक की रावतपुर केशवपुरम शाखा के बीमा विभाग में काम करता था। अतुल के पिता अशोक कश्यप की करीब 13 साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी थी। परिवार में मां किरण और दो भाई—अंशुल व प्रियम हैं।
बुधवार सुबह करीब सात बजे अतुल ने अपनी मां से फोन पर बात की थी। उसने कहा कि रातभर नींद नहीं आई, इसलिए सुबह-सुबह फोन कर लिया। मां ने जब पूछा कि कोई परेशानी तो नहीं, तो उसने कहा, “नहीं, बस काम ज्यादा रहता है।” इसके बाद फोन काटते हुए बोला कि शाम को बात करेंगे।
पुलिस अब मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि आत्महत्या से पहले अतुल के मन में क्या चल रहा था। फेसबुक पर उसकी आखिरी स्टोरी अब सभी के लिए सवाल बन गई है।
दोपहर करीब 12 बजे छोटे भाई प्रियम ने अतुल को दो बार कॉल किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। चिंतित होकर प्रियम ने अतुल के सहकर्मी अभिषेक से संपर्क किया और कमरे पर जाकर देखने को कहा। करीब एक बजे जब अभिषेक पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर खटखटाने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उसने खिड़की से झांककर देखा तो अतुल फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही मकान मालिक और अभिषेक ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। रावतपुर थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना प्रभारी मनोज मिश्र ने बताया कि युवक ने आत्महत्या क्यों की, इसका अभी स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। परिवार से पूछताछ की जा रही है और अब तक किसी ने कोई आरोप नहीं लगाया है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
