कानपुर। श्री श्याम जी सखा मण्डल (पंजी.), कानपुर में नियमावली के उल्लंघन कर कराए जा रहे तथाकथित चुनाव को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मण्डल के अध्यक्ष सहित कार्यकारिणी के अधिकांश सदस्यों ने चुनाव प्रक्रिया को असंवैधानिक, अलोकतांत्रिक और पूर्व नियोजित साजिश बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया है। मामला अब डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय और पुलिस तक पहुंच चुका है।
अध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि दिनांक 22 दिसंबर 2025 को महामंत्री निखिल रूहिया द्वारा अपने निजी कार्यालय में नियमों को ताक पर रखकर एक तथाकथित कार्यकारिणी बैठक बुलाई गई। बैठक में 19 सदस्यों की उपस्थिति दिखाई गई, जिसमें 7 सदस्यों के इस्तीफे को बहुमत से अस्वीकार कर दिया गया था। इसके बावजूद अगले ही दिन 23 दिसंबर को बिना वैध बहुमत के कार्यकारिणी को भंग करने की घोषणा कर दी गई।
आरोप है कि इसके बाद 26 दिसंबर की रात 12:07 बजे, मण्डल के व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से महज एक दिन के नोटिस पर 28 दिसंबर को चुनाव कराने की घोषणा कर दी गई, जो मण्डल की नियमावली और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का खुला उल्लंघन है। इस अचानक की गई घोषणा से मण्डल के सदस्यों में आक्रोश फैल गया।
वर्तमान कार्यकारिणी के लगभग 13 सदस्यों ने इस पूरे घटनाक्रम को अवैध बताते हुए अध्यक्ष को लिखित रूप में अवगत कराया, जिसके पश्चात अध्यक्ष द्वारा डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराई गई। इसके बाद आरोप है कि संबंधित पदाधिकारियों द्वारा मण्डल कार्यालय का ताला बदल दिया गया, जिससे मण्डल की चल संपत्ति पर अवैध कब्जे की आशंका और गहरा गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए फीलखाना थाना, कानपुर नगर में भी लिखित तहरीर दी गई है और नियमानुसार मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की गई है। मण्डल के सदस्यों का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम संस्था पर कब्जा करने की नीयत से किया गया है।
फिलहाल श्री श्याम जी सखा मण्डल में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है और अब सबकी निगाहें प्रशासन व रजिस्ट्रार के अगले कदम पर टिकी हैं।
श्री श्याम जी सखा मण्डल में बड़ा विवाद, नियमविरुद्ध चुनाव की घोषणा से हड़कंप
