कानपुर | 31 दिसंबर, 2025 कानपुर नगर की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक ऐसे अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जिसके तार सात समंदर पार कंबोडिया से जुड़े हैं। पुलिस ने सात शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक व्यक्ति से करीब ₹2.5 करोड़ की जालसाजी की। इस गिरोह ने ठगी के लिए न केवल फर्जी वेबसाइट्स का सहारा लिया, बल्कि कंबोडिया में बकायदा ‘फिल्मी सेट’ तैयार कर पीड़ितों को विश्वास में लेने का नाटक भी किया।
फेसबुक फ्रेंडशिप से शुरू हुआ ₹2.5 करोड़ का खेल
घटना की शुरुआत जून माह में हुई जब पीड़ित को फेसबुक पर एक अज्ञात महिला (कंबोडियाई प्रोफाइल) की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। दोस्ती गहरी होने पर पीड़ित को अधिक मुनाफे का लालच देकर deepgtp-india.vip नामक वेबसाइट और व्हाट्सएप ग्रुप में निवेश के लिए जोड़ा गया। जून से दिसंबर के बीच, पीड़ित ने 96 अलग-अलग बैंक खातों में यूपीआई और NEFT के जरिए करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे, तो उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जाने लगीं।
कंबोडिया कनेक्शन: स्टूडियो में रचा जाता था ड्रामा
जांच में पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली। गिरोह का मुख्य केंद्र कंबोडिया में है। वहां एक स्टूडियो में बाकायदा आर्मी ऑफिसर का घर और दफ्तर जैसा सेट बनाया गया था। वीडियो कॉल के दौरान एक व्यक्ति लड़की का पिता और ‘फौजी कर्नल’ बनकर पीड़ित से बात करता था, ताकि निवेश को विश्वसनीय बनाया जा सके। कानपुर में बैठे सात स्थानीय गुर्गे केवल खातों का इंतजाम करने और कंबोडियाई आकाओं के निर्देश पर पैसा निकालने का काम करते थे।
क्रिप्टोकरेंसी के जरिए मिटाए जा रहे थे सबूतपुलिस उपायुक्त (अपराध) ने बताया कि ठगी की रकम को सबसे पहले कैश डिपॉजिट मशीनों (CDM) के जरिए विभिन्न खातों में जमा किया जाता था। इसके बाद इस धनराशि को USDT (क्रिप्टोकरेंसी) में बदल दिया जाता था, ताकि जांच एजेंसियों के लिए पैसों के ट्रेल (निशान) को ट्रैक करना नामुमकिन हो जाए। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 1.50 करोड़ रुपये के क्रिप्टो लेनदेन के दस्तावेज बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस ने छापेमारी के दौरान निम्नलिखित सात आरोपियों को दबोचा है:
ओसामा (25)
मो. आरिफ (27)
मोहम्मद यूसुफ (25)
मो. शावेज़मो. फैज अनवर अंसारी
अल हुमेद (प्रयागराज)बिलाल (23)
इन आरोपियों के खिलाफ तेलंगाना, गुजरात और राजस्थान में भी साइबर अपराध के मामले दर्ज हैं।
