Shell India LNG Supply: भारत का सबसे बड़ा गैस सप्लायर बना 'शेल',

एनर्जी सेक्टर में बड़ा उलटफेर: कतर को पीछे छोड़ भारत का सबसे बड़ा ‘गैस किंग’ बना शेल; मार्च में की रिकॉर्ड LNG सप्लाई

पश्चिम एशिया संकट के बीच शेल ने भारत को गैस सप्लाई तेज कर दी है। मार्च में कंपनी ने कतर को पीछे छोड़ते हुए भारत के आयातित गैस बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी हासिल की।

admin
By
admin
3 Min Read
ख़बर एक नज़र में :
  • नया रिकॉर्ड: मार्च 2026 में शेल भारत का सबसे बड़ा LNG सप्लायर बना।
  • कतर को पछाड़ा: कतर से सप्लाई बाधित होने का शेल ने उठाया रणनीतिक लाभ।
  • बड़ी हिस्सेदारी: कुल 6 TBTU के सरकारी टेंडर में से 4 TBTU शेल ने सप्लाई किया।
  • हजीरा टर्मिनल: गुजरात स्थित टर्मिनल से सप्लाई चेन को मिली मजबूती।
  • ऊर्जा सुरक्षा: खाद और बिजली उत्पादन के लिए गैस की निरंतरता रही बरकरार।

नई दिल्ली/हजीरा | बिजनेस डेस्क वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारत की रणनीतिक पकड़ और मजबूत हुई है। पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव के बीच जब भारत के पारंपरिक गैस सप्लायर कतर से सप्लाई बाधित हुई, तब दिग्गज ब्रिटिश एनर्जी कंपनी शेल पीएलसी (Shell PLC) एक ‘संकटमोचक’ बनकर उभरी है। मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, शेल भारत में आयातित प्राकृतिक गैस (LNG) की सबसे बड़ी सप्लायर बन गई है।

कतर की कमी को शेल ने किया पूरा

उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कतर से होने वाली सप्लाई में अचानक आई गिरावट के बाद भारत सरकार ने यूरिया उत्पादन और औद्योगिक जरूरतों के लिए तत्काल टेंडर जारी किए थे। शेल ने अपनी वैश्विक क्षमता का इस्तेमाल करते हुए कुल 6 TBTU (ट्रिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट) के टेंडर में से अकेले 4 TBTU की सप्लाई हासिल की। यह कंपनी द्वारा भारत को की गई अब तक की सबसे बड़ी मंथली सप्लाई है।

खाद और औद्योगिक क्षेत्र को मिली संजीवनी

शेल की इस त्वरित सप्लाई से भारत के खाद (Fertilizer) क्षेत्र को बड़ी राहत मिली है। गैस की उपलब्धता सुनिश्चित होने से यूरिया उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ा। खाद के अलावा, शेल ने गुजरात के हजीरा स्थित अपने 50 लाख टन सालाना क्षमता वाले टर्मिनल के जरिए अन्य इंडस्ट्रियल यूजर्स और रिटेलर्स को भी गैस की निर्बाध सप्लाई जारी रखी।

- Advertisement -

शेल का ‘फ्लीट पावर’ और हजीरा टर्मिनल

शेल की इस सफलता के पीछे उसके पास मौजूद 65 से ज्यादा चार्टर्ड जहाजों का विशाल बेड़ा (Fleet) और गुजरात के हजीरा में स्थित आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर है। जब अन्य सप्लायर्स ने ‘अपरिहार्य परिस्थितियों’ का हवाला देकर हाथ खड़े कर दिए थे, तब शेल ने अपने ग्लोबल पोर्टफोलियो का फायदा उठाकर भारत की गैस जरूरतों को पूरा किया।

भारत की गैस निर्भरता

गौरतलब है कि भारत अपनी प्राकृतिक गैस की लगभग 50% जरूरतों को आयात (Import) के जरिए पूरा करता है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से खाद निर्माण, बिजली उत्पादन, सीएनजी (परिवहन) और पीएनजी (रसोई गैस) के लिए किया जाता है। मार्च महीने में शेल का यह प्रदर्शन भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Share This Article