सावधानी ही सुरक्षा: जाजमऊ में पुलिस और जनता के बीच साइबर सुरक्षा पर संवाद; बच्चों और बड़ों ने सीखी डिजिटल सेफ्टी - NewsKranti

सावधानी ही सुरक्षा: जाजमऊ में पुलिस और जनता के बीच साइबर सुरक्षा पर संवाद; बच्चों और बड़ों ने सीखी डिजिटल सेफ्टी

कानपुर के जाजमऊ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में कमिश्नरेट पुलिस और विशेषज्ञों ने आम जनता को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में 'डिजिटल अरेस्ट' और 'फर्जी कॉल' जैसे खतरों से निपटने के तरीके बताए गए।

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ख़बर एक नज़र में :
  • आयोजक: विधि विधान समाचार पत्र।
  • मुख्य अतिथि: एसीपी आकांक्षा पाण्डेय एवं भानु प्रकाश शुक्ल (Ex-IAF)।
  • विषय: ओटीपी फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से बचाव।
  • हेल्पलाइन: साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करने का संदेश।
  • भागीदारी: जाजमऊ के नागरिक, स्कूल के बच्चे और पुलिस विभाग।

कानपुर (जाजमऊ): तकनीक के इस दौर में जितनी तेजी से डिजिटल लेनदेन बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से साइबर अपराधी भी सक्रिय हो रहे हैं। इसी खतरे को भांपते हुए विधि विधान समाचार पत्र के तत्वावधान में तिवारीपुर स्थित कान्हा कार पार्किंग में एक भव्य साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम जनमानस, विशेषकर युवाओं और बच्चों को ऑनलाइन ठगी के मकड़जाल से बचाना था।

भारत माता को नमन के साथ हुआ भव्य शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रभक्ति के माहौल में हुई। मुख्य अतिथियों—एसीपी आकांक्षा पाण्डेय, सेवानिवृत्त वायु सेना पुलिस अधिकारी भानु प्रकाश शुक्ल और राधा भाटिया ने भारत माता की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज किया। जाजमऊ थाने के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गंभीरता को और बढ़ा दिया।

एसीपी आकांक्षा पाण्डेय का गुरुमंत्र: “कभी साझा न करें अपना ओटीपी”

मंच से जनता को संबोधित करते हुए एसीपी आकांक्षा पाण्डेय ने वर्तमान समय के साइबर खतरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “साइबर ठग अब आपके घर नहीं आते, बल्कि एक फोन कॉल के जरिए आपकी मेहनत की कमाई लूट लेते हैं। किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपना ओटीपी (OTP) न दें, क्योंकि ओटीपी बताते ही आपका बैंक खाता खाली हो सकता है।”

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उन्होंने अनजान कॉल, संदिग्ध व्हाट्सएप मैसेज और लुभावने लिंक से बचने की सलाह दी। एसीपी ने विशेष रूप से ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे नए ट्रेंड पर चर्चा की और बताया कि पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी कभी भी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करती।

डिजिटल अरेस्ट और फेक कॉल से रहें सतर्क

कार्यक्रम के मुख्य संयोजक भानु प्रकाश शुक्ल ने बताया कि साइबर ठग अब पुलिस अधिकारी या सीबीआई अधिकारी बनकर डराते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई अज्ञात व्यक्ति पैसे की मांग करे या संदिग्ध व्यवहार करे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचित करें।

बच्चों और नागरिकों की उत्साहजनक भागीदारी

इस कार्यक्रम में केवल बड़े ही नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों को गेमिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया सुरक्षा के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के सफल संचालन में सह संयोजक राधा भाटिया और अनार सिंह की अहम भूमिका रही। मंच का कुशल संचालन प्रखर जी द्वारा किया गया।

इस अवसर पर प्रमोद भाटिया, डॉ. दिलीप कुमार मिश्रा, अशोक कुमार सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल की सराहना की।

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