कानपुर। शहर में ईसाई समाज के खिलाफ बढ़ती कथित हिंसा और नफरती बयानबाजी को लेकर समुदाय में असुरक्षा का माहौल है। इसके विरोध में क्रिश्चियन यूनिटी ऑक्टेव-2026 की आयोजन समिति ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। मेगा मॉल स्थित कैंप कार्यालय से जुड़े पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि समाज की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और झूठी एफआईआर दर्ज कराने वाले तत्वों पर नकेल कसी जाए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का हवाला
ज्ञापन में समुदाय के प्रतिनिधियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट (फरवरी 2026) के उस हालिया और महत्वपूर्ण फैसले का जिक्र किया, जिसमें कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि:
- निजी परिसरों में प्रार्थना करना और बाइबिल का पाठ करना नागरिकों का मौलिक संवैधानिक अधिकार (अनुच्छेद 25) है।
- ऐसे आयोजनों के लिए प्रशासन से किसी पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं है, जब तक कि वे सार्वजनिक सड़कों या संपत्तियों को बाधित न करें।
प्रतिनिधियों ने कहा कि इस स्पष्ट आदेश के बावजूद कुछ असामाजिक तत्व प्रार्थना सभाओं में खलल डालते हैं और झूठे धर्म परिवर्तन के आरोपों में एफआईआर दर्ज करा देते हैं, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सेना में योगदान का किया जिक्र
समिति ने प्रशासन को याद दिलाया कि ईसाई समाज ने देश की प्रगति और सुरक्षा में हमेशा बढ़-चढ़कर योगदान दिया है। ज्ञापन में विशेष रूप से भारतीय सेना के वीर योद्धाओं का उल्लेख किया गया:
- कैप्टन लालरिनॉमा साइलो (Captain Lalrinawma Sailo): जिन्हें 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस दिखाने के लिए कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।
- लेफ्टिनेंट जनरल माइकल फर्नांडिस और लेफ्टिनेंट जनरल इवान डी’कुन्हा (Lt Gen Sumer Ivan D’Cunha): जिन्हें गणतंत्र दिवस 2026 पर उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM) से अलंकृत किया गया।
समिति ने कहा कि जो समाज सेना, स्वास्थ्य और शिक्षा में इतनी निस्वार्थ सेवा दे रहा है, उसे हाशिए पर धकेलना और नफरत का शिकार बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
शांति प्रार्थनाओं के साथ एकता सप्ताह का समापन
विदित हो कि 18 से 26 जनवरी तक ‘विश्वव्यापी मसीही एकता सप्ताह’ मनाया गया। इस दौरान शहर के विभिन्न चर्चों में देश की अखंडता और आपसी सौहार्द के लिए विशेष प्रार्थनाएं की गईं। समापन के अवसर पर समाज के बड़ी संख्या में लोगों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर इस ज्ञापन को तैयार किया।
