लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं, लेकिन सोमवार को लखनऊ में उनके सरकारी आवास पर आयोजित ‘जनता दर्शन’ में उनका एक बेहद भावुक और संवेदनशील रूप देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने न केवल फरियादियों की समस्याएं सुनीं, बल्कि एक नन्ही बच्ची ‘अनाबी अली’ की प्रतिभा और उसकी बातों से इतने प्रभावित हुए कि तुरंत उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए अधिकारियों को बड़े आदेश दे दिए।
क्या है पूरा मामला?
लखनऊ के 5-कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर जनता दर्शन का कार्यक्रम चल रहा था। सैकड़ों लोग अपनी समस्याओं के समाधान की आस लेकर कतारबद्ध थे। इसी भीड़ में अपनी मां के साथ आई नन्ही अनाबी अली ने सबका ध्यान खींचा। जब अनाबी मुख्यमंत्री के पास पहुंची, तो उसने बिना किसी डर के बड़ी मासूमियत और आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखी।
अनाबी की बातों ने मोह लिया सीएम का मन
सूत्रों के मुताबिक, अनाबी अली ने मुख्यमंत्री को अपनी पढ़ाई और अपने परिवार की स्थिति के बारे में बताया। उसकी हाजिरजवाबी और पढ़ने की ललक देख मुख्यमंत्री मुस्कुरा दिए। उन्होंने न केवल बच्ची को दुलारा, बल्कि उसे चॉकलेट भी भेंट की। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कहा, “यह बच्ची बहुत होनहार है, इसकी पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।”
कॉन्वेंट स्कूल में दाखिला और इलाज का जिम्मा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि अनाबी अली का दाखिला शहर के बेहतरीन कॉन्वेंट स्कूल में कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्ची की शिक्षा का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। इसके साथ ही, यदि परिवार में किसी को स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो उसका भी इलाज प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। सीएम ने जिलाधिकारी को व्यक्तिगत रूप से इस मामले की निगरानी करने को कहा है।
“बेटियां पढ़ेंगी, तभी प्रदेश बढ़ेगा”
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने एक बार फिर अपना संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की हर बेटी का हक है कि उसे अच्छी शिक्षा मिले। सरकार ‘मिशन शक्ति’ और ‘कन्या सुमंगला’ जैसी योजनाओं के जरिए बेटियों को सशक्त बना रही है, लेकिन जब व्यक्तिगत रूप से ऐसी प्रतिभाएं सामने आती हैं, तो प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
