कानपुर, 5 फरवरी। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के केमिस्ट्री डिपार्टमेंट, स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज में ‘स्थापना दिवस सप्ताह’ के उपलक्ष्य में एक प्रेरणादायक ‘एलुमनाई टॉक’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र ‘हाई परफॉर्मेंस पॉलिमर फाइबर्स’ रहा। विवि के इस आयोजन ने न केवल वर्तमान छात्रों को अपने गौरवशाली अतीत से रूबरू कराया, बल्कि उन्हें भविष्य के वैज्ञानिक अनुसंधान और औद्योगिक क्रांति के लिए भी तैयार किया।
DRDO की ज्वाइंट डायरेक्टर ने साझा किए सफलता के सूत्र
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा और वर्तमान में DMSRDE (DRDO) की ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. स्वाति चोपड़ा उपस्थित रहीं। उन्होंने अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए छात्रों को बताया कि कैसे इसी संस्थान से मिली शिक्षा ने उन्हें रक्षा क्षेत्र के शीर्ष मुकाम तक पहुँचाया।
डॉ. चोपड़ा ने हाई परफॉर्मेंस पॉलिमर फाइबर्स के जटिल विषयों को बहुत ही सरल ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने इसकी संरचना, गुणों और विभिन्न अनुप्रयोगों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
रक्षा क्षेत्र में फाइबर्स की भूमिका: तकनीकी आत्मनिर्भरता पर जोर
डॉ. स्वाति चोपड़ा ने अपने संबोधन में रक्षा, उद्योग और उन्नत इंजीनियरिंग के क्षेत्रों में इन फाइबर्स की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा:
“भारत आज रक्षा के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। हाई परफॉर्मेंस पॉलिमर फाइबर्स जैसी स्वदेशी तकनीकों का विकास हमें वैश्विक स्तर पर तकनीकी रूप से सशक्त बना रहा है।”
उन्होंने छात्रों को शोध के नए क्षेत्रों के बारे में जानकारी दी और बताया कि किस तरह नैनो-मटेरियल्स और उन्नत पॉलिमर भविष्य की युद्ध प्रणालियों और सुरक्षा उपकरणों को बदल रहे हैं।
150 से अधिक छात्रों ने किया सीधा संवाद
कार्यक्रम के दौरान एक इंटरएक्टिव सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें 150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। छात्रों ने पॉलिमर केमिस्ट्री, डीआरडीओ में करियर के अवसर और नवाचार से जुड़े कई तीखे सवाल किए, जिनका डॉ. स्वाति ने बड़ी आत्मीयता से उत्तर दिया।
स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज के शिक्षकों ने डॉ. स्वाति चोपड़ा के योगदान की सराहना की और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
