कानपुर/लखनऊ: छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU), कानपुर ने अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता के बाद अब कलात्मक और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में भी पूरे उत्तर प्रदेश में अपना परचम लहरा दिया है। लखनऊ के ऐतिहासिक जनपथ में 6 से 8 फरवरी तक आयोजित ’57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2026′ में विश्वविद्यालय ने ‘स्ट्रक्चर निर्माण’ (संरचना निर्माण) श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
‘श्रीकृष्ण-बांसुरी’ मॉडल: जब फूलों में जीवंत हो उठी दिव्यता
इस प्रदर्शनी में CSJMU की टीम द्वारा तैयार किया गया ‘श्रीकृष्ण बांसुरी’ का मॉडल सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र रहा। प्राकृतिक फूलों, जैविक सामग्रियों और सूक्ष्म इंजीनियरिंग कौशल से निर्मित यह संरचना न केवल कलात्मक रूप से भव्य थी, बल्कि तकनीकी रूप से भी अत्यंत मजबूत और सटीक थी। इस मॉडल को देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी और विशेषज्ञों ने इसे कला और आधुनिक इंजीनियरिंग का ‘परफेक्ट ब्लेंड’ करार दिया।
कला और इंजीनियरिंग विभाग की जुगलबंदी
विश्वविद्यालय की इस सफलता के पीछे ललित कला विभाग की सौंदर्य दृष्टि और इंजीनियरिंग विभाग की तकनीकी दक्षता का साझा प्रयास रहा। जैविक सामग्रियों का उपयोग कर तैयार की गई इस संरचना ने पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। इस मॉडल के माध्यम से टीम ने यह दर्शाया कि कैसे पारंपरिक विषयों को आधुनिक तकनीकी के साथ जोड़कर विश्वस्तरीय कृतियाँ बनाई जा सकती हैं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया सम्मानित
प्रदर्शनी के समापन समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने CSJMU की टीम को उनकी इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए सम्मानित किया। राज्यपाल ने मॉडल की बारीकियों की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। वहीं, विश्वविद्यालय के कुलपति ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत विश्वविद्यालय के हर छात्र और शिक्षक के नवाचार (Innovation) के प्रति समर्पण की जीत है।
जीत के नायक: ये रहे टीम के सदस्य
इस ऐतिहासिक संरचना को तैयार करने वाली टीम में डॉ. सुधांशु पांड्या और डॉ. प्रवीन भाई पटेल के नेतृत्व में डॉ. राज कुमार सिंह, जीऊत बली यादव, आदित्य कुमार, आदर्श पटेल, आर्यन वर्मा, हिमांशु सिंह, प्रियांशु रक्षित और आर्यन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
