कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में लग्जरी कारों की बेलगाम रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। वीआईपी रोड पर हुए लेम्बोर्गिनी कांड के बाद अब एक सफेद रंग की मिनी कूपर कार ने शहर के बीचों-बीच स्थित मेडिकल कॉलेज पुल पर खौफनाक हादसे को अंजाम दिया है। सोमवार देर रात हुई इस घटना ने पुलिस प्रशासन और शहर की यातायात सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हादसे की दास्तां: पुल की रेलिंग से टकराई अनियंत्रित बाइक
मिली जानकारी के अनुसार, मसवानपुर निवासी राजू शुक्ला देर रात अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह मेडिकल कॉलेज पुल के ऊपर पहुंचे, पीछे से आ रही एक अत्यधिक तेज रफ्तार मिनी कूपर कार ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक हवा में उछलती हुई पुल की रेलिंग से जा टकराई।
राजू शुक्ला लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद कार में सवार युवक मौके से भागने की फिराक में थे, लेकिन राहगीरों की तत्परता और पुलिस को दी गई सूचना के बाद घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। राजू के हाथ और पैर में कई फ्रैक्चर आए हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है
पुराना ‘पापी’ निकली मिनी कूपर: पहले भी कट चुके हैं चालान
पुलिस की प्राथमिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। जिस मिनी कूपर ने राजू शुक्ला को टक्कर मारी, वह पहले भी कई बार नियमों की धज्जियां उड़ा चुकी है।
- 20 अप्रैल 2022: इस कार का खतरनाक ढंग से वाहन चलाने और आम जनमानस की जान जोखिम में डालने के आरोप में चालान कटा था।
- 4 जनवरी 2026: हाल ही में सुल्तानपुर में इसी कार का ऑनलाइन चालान ‘ओवरस्पीडिंग’ के लिए किया गया था।
बार-बार चालान होने के बावजूद चालक की आदतों में सुधार न होना, कानपुर की सड़कों पर आम लोगों की सुरक्षा के प्रति बड़ी लापरवाही को दर्शाता है।
डॉक्टर के नाम दर्ज है कार, अधिकारी से खरीदी थी पुरानी
जांच में स्पष्ट हुआ है कि कार पनकी बी-ब्लॉक निवासी डॉ. स्पर्श सिंह के नाम पर आरटीओ में पंजीकृत है। सूत्रों के मुताबिक, डॉक्टर ने यह कार एक नामी खाद्य तेल कंपनी के अधिकारी से सेकंड हैंड खरीदी थी। पुलिस अब इस बात की तस्दीक कर रही है कि हादसे के वक्त स्टीयरिंग व्हील पर कौन था—डॉक्टर खुद या उनका कोई परिचित।
पुलिसिया कार्रवाई और जनता का आक्रोश
काकादेव पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कार की वास्तविक गति क्या थी। शहरवासियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि रईसजादे अपनी लग्जरी गाड़ियों को सड़कों पर ‘किलर मशीन’ की तरह दौड़ा रहे हैं।
“दोषी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सड़कों पर स्टंट और ओवरस्पीडिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” – स्थानीय पुलिस अधिकारी
