कानपुर के काकादेव थाना क्षेत्र में एक शिक्षक को लिफ्ट देने के बहाने बंधक बनाकर लूटने वाले ‘लिफ्ट एंड लूट’ गिरोह का पुलिस ने बुधवार देर रात पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने इस मामले में विजयनगर टिनशेड कॉलोनी के विवेक और उसके साथ तीन नाबालिग सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल कार, मोबाइल, रिंच और नगदी बरामद हुई है।
फर्रुखाबाद जाने के बहाने बनाया शिकार
एडीसीपी सेंट्रल अर्चना सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पीड़ित राजकुमार भारती (निवासी निगोहा, लखनऊ) फर्रुखाबाद के एक इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं। 15 दिसंबर को जब वह लखनऊ से रावतपुर पहुंचे, तो आरोपियों ने उन्हें फर्रुखाबाद छोड़ने की बात कहकर अपनी कार में बैठा लिया। कार में बैठते ही आरोपियों ने अपना असली रंग दिखाया और शिक्षक को बंधक बना लिया।
दो घंटे तक शहर की सड़कों पर मौत का तांडव
आरोपियों ने शिक्षक से 2000 रुपये, मोबाइल और उनके डेबिट-क्रेडिट कार्ड लूट लिए। इतना ही नहीं, बदमाशों ने उन्हें करीब दो घंटे तक शहर की सड़कों पर घुमाया और उनके परिजनों से ऑनलाइन पैसे मंगाने के लिए दबाव डाला। जब शिक्षक ने विरोध किया, तो आरोपियों ने उन्हें मरणासन्न होने तक पीटा और दादानगर के सुनसान इलाके में फेंककर फरार हो गए।
80 सीसीटीवी कैमरों ने खोली पोल
वारदात के बाद पीड़ित ने किसी तरह गोविंदनगर थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम ने जांच शुरू की। रावतपुर से लेकर दादानगर तक के रूट पर करीब 80 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिससे कार का नंबर और आरोपियों की पहचान संभव हो सकी। मुख्य आरोपी विवेक शातिर अपराधी है और पहले भी फजलगंज पुलिस द्वारा जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस के अनुसार, ये आरोपी अपने महंगे नशे के शौक को पूरा करने के लिए राहगीरों को अपना निशाना बनाते थे। फिलहाल पुलिस इनके अन्य साथियों और पुरानी वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है
