जरूर पढ़ें : शीतलहर की चपेट में कानपुर, प्रशासन ने जारी की विशेष एडवाइजरी – NewsKranti

जरूर पढ़ें : शीतलहर की चपेट में कानपुर, प्रशासन ने जारी की विशेष एडवाइजरी

कानपुर जिला प्रशासन ने शीतलहर से जनहानि रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बच्चों-बुजुर्गों के बचाव और आपातकालीन चिकित्सा के लिए गाइडलाइंस। अलाव और हीटर के इस्तेमाल में वेंटिलेशन अनिवार्य, हाइपोथर्मिया और शीतदंश के लक्षणों पर तत्काल डॉक्टर से मिलें

admin
By
admin
3 Min Read

कानपुर, 21 दिसंबर 2025: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और बढ़ती शीतलहर को देखते हुए कानपुर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने जनहित में एक विस्तृत ‘विंटर एडवाइजरी’ जारी की है। इस एडवाइजरी का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को ठंड से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों और संभावित दुर्घटनाओं के प्रति जागरूक करना है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी इन निर्देशों में बचाव के वैज्ञानिक और व्यवहारिक तरीके बताए गए हैं।

इनडोर सुरक्षा: अंगीठी और हीटर का प्रयोग संभलकर करें

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि बंद कमरों में कोयले की अंगीठी, मिट्टी के तेल का चूल्हा या हीटर जलाकर सोना जानलेवा हो सकता है।

  • वेंटिलेशन: कमरों में पर्याप्त हवा का आवागमन (Ventilation) रखें ताकि जहरीली गैसें (कार्बन मोनोऑक्साइड) जमा न हों।
  • सावधानी: सोने से पहले अलाव या सिगड़ी को पूरी तरह बुझा दें।

हाइपोथर्मिया और शीतदंश: इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

एडवाइजरी में गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों जैसे हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान गिरना) के प्रति सचेत किया गया है।

- Advertisement -
  • लक्षण: अत्यधिक ठिठुरन, सुस्ती, भ्रम, स्मृति हानि, तुतलाहट या बेहोशी।
  • शीतदंश (Frostbite): उंगलियों, नाक या कानों का सुन्न पड़ना या वहां सफेद/पीले दाग उभरना। ऐसे लक्षण दिखने पर बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

प्रमुख निर्देश: क्या करें और क्या न करें (Key Highlights)

  • पहनावा: ठंड से बचने के लिए ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनें। सिर, गर्दन और हाथों को ढकने के लिए टोपी, मफलर और दस्तानों का प्रयोग करें।
  • आहार: शरीर की गर्मी बनाए रखने के लिए गर्म पेय पदार्थों और विटामिन-सी युक्त फल-सब्जियों का सेवन करें।
  • बच्चों और बुजुर्गों का ख्याल: कोहरे और अत्यधिक ठंड में इन्हें घर के भीतर ही रखें।
  • सहयोग की अपील: यदि कोई बेसहारा या बीमार व्यक्ति ठंड से प्रभावित दिखे, तो क्षेत्रीय लेखपाल के माध्यम से उन्हें निःशुल्क कंबल और रैन बसेरों (Shelter Homes) तक पहुँचाने में मदद करें।

पशु-पक्षियों की सुरक्षा भी जरूरी

जिलाधिकारी ने पालतू पशुओं और पक्षियों के लिए भी निर्देश दिए हैं। उनके बाड़ों को ऊष्मा-रोधी बनाने और खिड़की-दरवाजों को ढककर रखने को कहा गया है, ताकि मूक पशुओं को ठंड से बचाया जा सके।

प्रशासनिक सतर्कता

नागरिकों से अपील की गई है कि वे रेडियो, टीवी और मोबाइल के जरिए मौसम के पूर्वानुमान पर नज़र रखें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय पुलिस स्टेशन या आपदा हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है।

Share This Article