खौफ का अंत: पुलिस के जाल में फंसा 'अदृश्य' अपराधी, 11 साल बाद आरौल पुलिस ने सलाखों के पीछे भेजा - NewsKranti

खौफ का अंत: पुलिस के जाल में फंसा ‘अदृश्य’ अपराधी, 11 साल बाद आरौल पुलिस ने सलाखों के पीछे भेजा

कानपुर की आरौल पुलिस ने 2015 से फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया है। लूट और हत्या जैसे संगीन मामलों में वांछित यह अपराधी एक दशक से अधिक समय से पुलिस को चकमा दे रहा था।

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ख़बर एक नज़र में :
  • गिरफ्तारी: आरौल पुलिस, कानपुर द्वारा।
  • फरारी: 11 साल (वर्ष 2015 से वांछित)।
  • इनाम: ₹1,00,000 (एक लाख रुपये)।
  • मुख्य मामले: लूट, हत्या और संगठित अपराध।
  • क्षेत्र: बिल्हौर और आरौल थाना क्षेत्र।

कानपुर, 6 फरवरी। उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘क्लीन स्वीप’ अभियान के तहत आरौल पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक ऐसे शातिर अपराधी को दबोचने में कामयाबी पाई है, जो पिछले 11 वर्षों से अपनी पहचान छिपाकर कानून की आँखों में धूल झोंक रहा था। इस अपराधी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी, जिसके चलते इस पर 1 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।

2015 का वो कांड: लूट और हत्या के मामले में था वांटेड

मामले का खुलासा करते हुए एसीपी (बिल्हौर) मंजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त एक बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। वर्ष 2015 में इसके खिलाफ बिल्हौर थाना क्षेत्र में लूट और निर्मम हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। वारदात को अंजाम देने के बाद से ही यह फरार हो गया था और कभी भी पुलिस के हाथ नहीं आया। इसके संगठित गिरोह का हिस्सा होने के कारण यह बार-बार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था।

संगठित गिरोह और ‘क्रिमिनल’ फैमिली कनेक्शन

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि यह अपराधी केवल अकेले वारदातों को अंजाम नहीं देता था, बल्कि एक सक्रिय गैंग का हिस्सा था।

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  • गैंगस्टर नेटवर्क: यह आरोपी कई संगठित अपराधों में संलिप्त रहा है।
  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: जांच के दौरान पता चला है कि आरोपी के चाचा और उसके अन्य करीबी साथी भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
  • तलाश जारी: पुलिस अब इस अपराधी के अन्य सहयोगियों और उसे संरक्षण देने वालों की कुंडली खंगाल रही है।

कैसे मिली कामयाबी? आरौल पुलिस की मुस्तैदी

आरौल पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि 1 लाख का इनामी शातिर अपराधी इलाके में किसी गतिविधि के लिए आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जाल बिछाया और घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पुलिस की इस तत्परता ने इलाके में अपराधियों के बीच कड़ा संदेश दिया है कि अपराध चाहे कितना भी पुराना हो, कानून के हाथ लंबे होते हैं।

कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच

एसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि उसके द्वारा पिछले 11 वर्षों में अंजाम दी गई अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सके। उसे अदालत में पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस सफलता के बाद आरौल पुलिस टीम को पुरस्कृत किए जाने की भी चर्चा है।

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