Kanpur News | Ganga Barrage:कानपुर के गंगा बैराज पर हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में पुलिसकर्मियों को कुचलने की सनसनीखेज घटना के बाद से रात के समय वाहन चेकिंग लगभग पूरी तरह बंद हो गई है। पुलिस के हटते ही बैराज स्टंटबाजों और रील बनाने वालों का अड्डा बन जाता है।
रात होते ही युवक तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाते हैं, उल्टी दिशा में ड्राइविंग करते हैं और कारों के दरवाजों पर लटककर वीडियो बनाते नजर आते हैं। इस खतरनाक गतिविधि के चलते कई लोग रात में गंगा बैराज से गुजरने से बचने लगे हैं।
नियम के अनुसार शाम चार बजे तक ट्रैफिक विभाग की इंटरसेप्टर और स्पीड गन से निगरानी होती है। इसके बाद चेकिंग की जिम्मेदारी थाना पुलिस की होती है, लेकिन आरोप है कि थाना स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। अमर उजाला के फोटो जर्नलिस्ट द्वारा देर शाम किए गए निरीक्षण में बैराज पर एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं मिला।
हालांकि ट्रैफिक पुलिस द्वारा दिन में इंटरसेप्टर वाहन और मोबाइल रडार गन से कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को ओवरस्पीडिंग पर 49 वाहन चालकों का चालान किया गया।
एक दिन का अभियान, फिर सन्नाटा
20 दिसंबर की रात डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह, डीसीपी ट्रैफिक और आरटीओ अधिकारियों ने संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया था। इस दौरान 41 वाहनों का चालान और सीज किया गया, लेकिन यह अभियान केवल एक दिन तक ही सीमित रह गया।
मैगी पाइंट बना अराजकता का केंद्र
गंगाबैराज पर मैगी पाइंट के पास ठेलिया दुकानदारों द्वारा सड़क तक अतिक्रमण किए जाने का आरोप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नवाबगंज पुलिस की मिलीभगत के चलते शाम होते ही यहां अराजकता फैल जाती है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
हादसों की लंबी फेहरिस्त
गंगा बैराज पर बीते वर्षों में कई दर्दनाक हादसे हो चुके हैं, जिनमें छात्रा, बुजुर्ग, कारोबारी और राहगीरों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद रात की सख्त निगरानी अब तक सुनिश्चित नहीं हो पाई है।
