बिल्हौर (कानपुर) | कानपुर स्थित अरौल कस्बे में एक सराफा कारोबारी ने ऐसी खौफनाक वारदात को अंजाम दिया, जिसे सुनकर रूह कांप जाए। 45 वर्षीय अजय कटियार ने अपने ही दो मासूम बेटों को ईंट से बेरहमी से कुचल दिया और फिर खुद जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना में अजय और उसके 7 वर्षीय बेटे शुभ की मौत हो गई, जबकि 12 वर्षीय रुद्र गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।
संयोग या सोची-समझी साजिश? पत्नी की बरसी का दिन चुना
इस घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि ठीक तीन साल पहले, यानी 19 दिसंबर के ही दिन अजय की पत्नी अलका की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। परिजनों के अनुसार, पत्नी की मौत भी सिर पर चोट लगने के कारण हुई थी। उस समय अजय ने इसे सीढ़ियों से गिरना बताया था, लेकिन आज की घटना ने पुरानी मौत पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुसाइड नोट में छलका दर्द और बेबसी
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसने हर किसी को भावुक और हैरान कर दिया है। अजय ने अपने पिता को संबोधित करते हुए लिखा:
“पूज्य पिताजी, मैं बचपन से लेकर आज तक कितना परेशान था, आपको बता नहीं सकता। बच्चे उतने ही पैदा करने चाहिए जिनकी सही ढंग से परवरिश कर सको। अब मैं इनको किसके सहारे छोडूं, इसलिए मैं बच्चों को साथ लिए जा रहा हूं।”
दोपहर में खुली खौफनाक हकीकत
वारदात का पता तब चला जब अजय के पिता दुकान पर पहुंचे। दुकान बंद देख वह घर गए, जहाँ दरवाजा अंदर से बंद था। पड़ोसियों और पुलिस की मदद से जब दरवाजा पेंचकस से खोला गया, तो अंदर का नजारा देख सबकी चीखें निकल गईं। कमरे में अजय और उसके दोनों बेटे लहूलुहान हालत में पड़े थे। पुलिस तुरंत तीनों को सीएचसी ले गई, जहाँ डॉक्टरों ने अजय और शुभ को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की जांच और पुरानी मौत का कनेक्शन
इंस्पेक्टर जनार्दन सिंह यादव ने बताया कि अजय पिछले 10 वर्षों से अरौल में मकान बनाकर रह रहा था। मृतक की पत्नी के मायके वालों का आरोप है कि अलका की हत्या भी ईंट से कूचकर की गई थी। पुलिस अब इस सनसनीखेज मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और रुद्र के बयान का इंतजार कर रही है।
