नई दिल्ली |
भारत ने वैश्विक डिजिटल मानचित्र पर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। गुरुवार को संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के आंकड़ों ने स्पष्ट कर दिया है कि देश अब एक पूर्णतः डिजिटल अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। सर्वेक्षण के मुताबिक, भारत में 5G सेवाओं का विस्तार अब देश के 99.9 प्रतिशत जिलों तक हो चुका है। इसके साथ ही, भारत की कुल टेली-डेंसिटी (Tele-density) बढ़कर 86.76 प्रतिशत के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गई है।
दुनिया का सबसे तेज़ 5G रोलआउट
आर्थिक सर्वेक्षण में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि भारत ने दुनिया का सबसे तेज़ 5G रोलआउट दर्ज किया है। अक्टूबर 2022 में शुरू हुई इस सेवा ने मात्र तीन वर्षों के भीतर देश के कोने-कोने में अपनी पैठ बना ली है। आज उत्तर में लद्दाख से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक और पश्चिम में कच्छ के रण से लेकर पूर्व में अरुणाचल की पहाड़ियों तक, लगभग हर जिला 5G हाई-स्पीड इंटरनेट से लैस है।
कनेक्टिविटी में उछाल: टेली-डेंसिटी के नए आंकड़े
टेलीकॉम सेक्टर की मजबूती को दर्शाते हुए सर्वेक्षण में बताया गया कि देश की कुल टेली-डेंसिटी अब 86.76% हो गई है। इसका सीधा मतलब है कि भारत की एक बहुत बड़ी आबादी अब मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जुड़ी हुई है। शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा शत-प्रतिशत को पार कर चुका है, जबकि ग्रामीण भारत में भी अभूतपूर्व सुधार देखा गया है।
ब्रॉडबैंड और डेटा की खपत में रिकॉर्ड वृद्धि
डिजिटल इंडिया अभियान के प्रभाव का जिक्र करते हुए रिपोर्ट में कहा गया कि भारत अब दुनिया में सबसे कम डेटा दरों वाले देशों में शामिल है। सस्ती इंटरनेट दरों और 5G की उपलब्धता के कारण प्रति व्यक्ति डेटा खपत में कई गुना वृद्धि हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में ‘भारतनेट’ परियोजना के माध्यम से पंचायतों को फाइबर ऑप्टिक से जोड़ने के कार्य ने इस डिजिटल क्रांति को और गति दी है।
आर्थिक विकास का इंजन बना दूरसंचार क्षेत्र
वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए इस सर्वेक्षण में रेखांकित किया गया है कि दूरसंचार केवल संचार का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक विकास का इंजन बन चुका है। 5G सेवाओं के विस्तार से शिक्षा (E-learning), स्वास्थ्य (Tele-medicine), कृषि (Smart Farming) और फिनटेक (UPI/Digital Payments) के क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स को इस हाई-स्पीड नेटवर्क से वैश्विक बाजार तक पहुँचने में मदद मिली है।
भविष्य की राह: 6G की ओर कदम
आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी संकेत दिया गया है कि 5G की सफलता के बाद भारत अब ‘6G विजन’ पर काम कर रहा है। सरकार का लक्ष्य तकनीक के मामले में दुनिया का नेतृत्व करना है। आने वाले समय में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट सिटीज के निर्माण में यह 5G नेटवर्क रीढ़ की हड्डी साबित होगा।
