कोलंबो/नई दिल्ली: क्रिकेट की दुनिया के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वियों, भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले आगामी मुकाबले को लेकर पिछले कुछ दिनों से जारी अनिश्चितता आखिरकार समाप्त हो गई है। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भारत के खिलाफ मैच खेलने की मंजूरी देने के लिए सार्वजनिक रूप से धन्यवाद दिया है।
क्या था विवाद? पाकिस्तान सरकार का रुख और यू-टर्न
दरअसल, पाकिस्तान सरकार ने पहले सुरक्षा और राजनीतिक कारणों का हवाला देते हुए भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप 2026 के मैच के बहिष्कार की धमकी दी थी। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन में यह कड़ा कदम उठा रहा था। बांग्लादेश को इस वर्ल्ड कप से बाहर कर स्कॉटलैंड को जगह दी गई थी, जिसका पाकिस्तान ने विरोध किया था।
आईसीसी (ICC) के सख्त रुख और श्रीलंका सरकार की मध्यस्थता के बाद, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपनी टीम को भारत के खिलाफ मैदान पर उतरने की हरी झंडी दे दी है।
राष्ट्रपति दिसानायके ने याद दिलाया 1996 का इतिहास
श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, “प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का धन्यवाद, जिन्होंने यह सुनिश्चित किया कि जिस खेल से हम सभी प्यार करते हैं, वह चलता रहे।” उन्होंने आगे कहा कि कोलंबो में 15 फरवरी को होने वाला यह मैच दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ा तोहफा होगा।
दिसानायके ने 1996 के विश्व कप की उस ऐतिहासिक घटना को भी याद किया, जब सुरक्षा कारणों से कई देशों ने श्रीलंका में खेलने से मना कर दिया था, लेकिन तब भारत और पाकिस्तान ने एकजुटता दिखाते हुए श्रीलंका में मैच खेले थे। उन्होंने कहा कि श्रीलंका उस उपकार को कभी नहीं भूला है।
15 फरवरी: कोलंबो बनेगा क्रिकेट का ‘कुरुक्षेत्र’
अब यह साफ हो गया है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सबसे बहुप्रतीक्षित मैच 15 फरवरी को कोलंबो के मैदान पर ही खेला जाएगा। आईसीसी ने भी इस फैसले का स्वागत किया है और आयोजन की तैयारियों को तेज कर दिया है। श्रीलंका, जो इस टूर्नामेंट का सह-मेजबान (Co-host) है, ने इसे एक बड़ी कूटनीतिक और खेल जीत बताया है।
