कानपुर। दिल्ली धमाके के बाद चर्चा में आयी जैश—ए—मोहम्मद की महिला विंग कमांडर डॉ शाहीन शहीद के कानपुर कनेक्शन के बाद हडकंप मचा हुआ है। कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में प्रवक्ता के पद पर रह चुकी डॉ शाहीन 2013 में नौकरी से अचानक गायब हो गई थी। 2021 में उसे लगातार अनुपस्थित रहने के कारण नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। तब से शायद ही किसी ने शाहीन का नाम लिया होगा। लेकिन अब अचानक से मेडिकल कॉलेज के साथ ही पूरे में डॉ शाहीन के चर्चे शुरू हो गये है।
ऐसे में पहली डॉ शाहीन के पूर्व पति नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ जफर हयात ने पहली बार कैमरे के सामने आकर अपने और आतंकी सरगना डॉ शाहीन के रिश्ते की परतों को खोला है। डॉ जफर हयात ने बताया कि तलाक के बाद डॉ शाहीन से कोई संबंध नहीं रहे । दो बच्चे थे जिनको मैं पाल रहा हूं वो भी अब बड़े हो गए है । डॉ शाहीन हमेशा से नॉर्मल रहती थी लेकिन उनके एमबीशंस बहुत बड़े थे।
शाहीन को मिला था देश में दहशत फैलाने का जिम्मा
दिल्ली ब्लास्ट की जांच के बीच अब सामने आया है आतंकी नेटवर्क का नया और खतरनाक चेहरा- जैश-ए-मोहम्मद का महिला विंग। सुरक्षा एजेंसियों ने फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ शाहीन शहीद को लेकर बड़ा खुलासा किया है। शाहीन को भारत में दहशत फैलाने का जिम्मा मिला था।
शुरुआती जांच में पता चला है कि डा. शाहीन को भारत में जैश-ए-मोहम्मद के महिला संगठन जमात-उल-मोमिनीन की कमान सौंपने का जिम्मा दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक, शाहीन का काम भारत में महिलाओं की भर्ती, ब्रेनवॉश और ऑपरेशन नेटवर्क तैयार करना था। यह नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिये धीरे-धीरे विस्तार पा रहा था।
