कानपुर। पहाड़ों पर हो रही भारी बर्फबारी और उत्तर पश्चिमी हवाओं की बढ़ती रफ्तार ने औद्योगिक नगरी कानपुर को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। शुक्रवार को दिन में चटख धूप निकलने के बावजूद गलन कम नहीं हुई और तापमान में 5.3 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आधिकारिक तौर पर शुक्रवार को ‘शीत दिवस’ (Cold Day) घोषित कर दिया है।
सुबह के समय कोहरे का आलम यह था कि सात से आठ बजे के बीच नेशनल हाईवे पर दृश्यता (Visibility) शून्य रिकॉर्ड की गई, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा।
तापमान का लेखा-जोखा
शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम पारा 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंडी हवाओं के कारण लोगों को दिन में भी कड़ाके की ठंड का अहसास हुआ। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एस.एन. सुनील पांडेय के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते शनिवार को बादल छाए रह सकते हैं और धूप न निकलने के कारण तापमान में और गिरावट आने की प्रबल संभावना है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- गिरावट: दिन के तापमान में 5.3 डिग्री की कमी।
- दृश्यता: हाईवे पर सुबह 7-8 बजे के बीच जीरो विजिबिलिटी।
- चेतावनी: नए साल से कड़ाके की ठंड और पाला पड़ने का अलर्ट।
- रिकॉर्ड: दिसंबर माह में अब तक कुल 4 दिन रहे ‘शीत दिवस’।
नए साल से और बढ़ेगी मुसीबत: पाला पड़ने की आशंका
मौसम विभाग की मानें तो 1 जनवरी से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी और तेज होगी। इसका सीधा असर मैदानी इलाकों पर पड़ेगा।
- फसलों को खतरा: आने वाले दिनों में तापमान गिरने से पाला (Frost) पड़ सकता है। इससे सरसों, मटर और आलू जैसी दलहनी व तिलहनी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
- कोहरे का कहर: शहर के बाहरी और खुले क्षेत्रों में सुबह 8 बजे तक घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है।
दिसंबर में चौथी बार ‘शीत दिवस’
दिसंबर का महीना इस बार रिकॉर्ड तोड़ ठंड लेकर आया है। 26 दिसंबर के अलावा 19, 23 और 24 दिसंबर को भी ‘शीत दिवस’ दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान की परिभाषा के अनुसार, जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम और अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री या उससे अधिक गिर जाता है, तो उसे ‘शीत दिवस’ कहा जाता है।
