कानपुर बना 'बदनामपुर': कानून व्यवस्था पर अखिलेश का करारा प्रहार - NewsKranti

कानपुर बना ‘बदनामपुर’: कानून व्यवस्था पर अखिलेश का करारा प्रहार

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कानपुर दौरे पर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कानपुर की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर इसे 'बदनामपुर' करार दिया और जाजमऊ में लगे 4 घंटे के लंबे जाम को लेकर स्मार्ट सिटी के दावों की धज्जियां उड़ाईं।

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ख़बर एक नज़र में :
  • बदनामपुर कमेंट: अपराध और प्रशासनिक टकराव के कारण शहर की छवि धूमिल होने का आरोप।
  • नया माफिया वर्जन: अखिलेश ने सरकार पर 'एनकाउंटर माफिया' और 'नीट माफिया' जैसे नए वर्जन तैयार करने का आरोप लगाया।
  • जाम की राजनीति: जाजमऊ और गंगा बैराज के जाम को स्मार्ट सिटी की विफलता बताया।
  • मिशन 2027: 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की ताकत से 2027 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का दावा।
  • लाल इमली वादा: औद्योगिक नगरी की खोई पहचान वापस दिलाने का संकल्प।

कानपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शुक्रवार (13 फरवरी 2026) को एक दिवसीय दौरे पर कानपुर पहुंचे। सिविल लाइंस स्थित जिला अध्यक्ष फजल महमूद के आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश का तेवर बेहद आक्रामक नजर आया। उन्होंने शहर की वर्तमान स्थिति पर तंज कसते हुए कहा, “भाजपा ने अपनी गलत नीतियों और प्रशासनिक विफलता से ऐतिहासिक कानपुर को ‘बदनामपुर’ बना दिया है।”

अखिलेश ने हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आज कानपुर की पहचान विकास से नहीं, बल्कि लैंबॉर्गिनी कार एक्सीडेंट, पुलिस-वकील विवाद, और ‘स्क्रिप्टेड एनकाउंटर्स’ से हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न्याय दिलाने में पक्षपात कर रही है— “हथेली गरम तो पुलिस नरम” वाली स्थिति बनी हुई है।

स्मार्ट सिटी या ‘जामपुर’? गंगा पुल पर फंसे अखिलेश का तंज

कानपुर आते समय अखिलेश यादव का काफिला जाजमऊ के पुराने गंगा पुल पर भीषण जाम में फंस गया। एक खराब बस के कारण लगे इस जाम में सपा प्रमुख करीब 90 मिनट तक फंसे रहे। उन्होंने तुरंत जाम का वीडियो सोशल मीडिया (X) पर साझा करते हुए लिखा:

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“दावा तो ये है कि लखनऊ से कानपुर 45 मिनट में पहुंचा देंगे, लेकिन दो स्मार्ट सिटी के बीच ये जो 90 मिनट का जाम लगता है, वो इस गणना में शामिल है या अनुपूरक बजट की तरह इसे अलग से जोड़ा जाएगा?”

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रशासन को शायद ‘मोतियाबिंद’ हो गया है, जिसे जनता की परेशानियां और सड़कों पर रेंगते वाहन दिखाई नहीं देते।

लाल इमली और औद्योगिक पतन: “हम फिर से गुलजार करेंगे शहर”

कानपुर की बंद पड़ी मिलों का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश ने भावुक अपील की। उन्होंने वादा किया कि:

  • लाल इमली का पुनरुद्धार: सपा सरकार आने पर केंद्र से बात कर ऐतिहासिक लाल इमली मिल को फिर से शुरू किया जाएगा।
  • रिवर फ्रंट: कानपुर में लखनऊ से भी भव्य और सुंदर रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा।
  • बिजली संकट: उन्होंने कहा कि भाजपा ने 9 साल में एक यूनिट बिजली नहीं बढ़ाई, आज भी प्रदेश सपा काल के पावर प्लांट्स के भरोसे है।

सियासी हलचल: 2027 की बिसात बिछी

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह दौरा केवल एक शादी समारोह में शामिल होने तक सीमित नहीं था। उन्होंने कानून व्यवस्था, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों को उठाकर कानपुर की सभी 10 विधानसभा सीटों पर पार्टी कार्यकर्ताओं में नई जान फूंक दी है।

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