कानपुर में इंटरनेशनल साइबर ठग गिरफ्तार; विदेशी नागरिक से की करोड़ों की

कानपुर: विदेशी नागरिक से ठगी करने वाले ‘डिजिटल डकैत’ गिरफ्तार, 1.30 करोड़ रुपये सीज

कानपुर कमिश्नरेट की पनकी पुलिस और साइबर सेल ने एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर प्रहार करते हुए दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खातों में मौजूद 1.30 करोड़ रुपये फ्रीज कराए गए हैं।

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ख़बर एक नज़र में :
  • अपराध: विदेशी नागरिक से करोड़ों की साइबर ठगी।
  • कुल सीज धनराशि: ₹1.30 करोड़।
  • गिरफ्तार अभियुक्त: अमित शर्मा (झांसी) और आकाश कुमार (कानपुर)।
  • बरामदगी: टाटा हैरियर कार, लैपटॉप, मोबाइल और दर्जनों बैंक दस्तावेज।

कानपुर | कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के हाथ आज एक ऐसी बड़ी सफलता लगी है जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर अपराधियों के होश उड़ा दिए हैं। थाना पनकी पुलिस और साइबर सेल पश्चिम जोन की संयुक्त टीम ने एक विदेशी नागरिक से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने न केवल आरोपियों को पकड़ा, बल्कि उनके विभिन्न बैंक खातों में जमा 1 करोड़ 30 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि को भी सीज (Freeze) करा दिया है।

विदेशी नागरिक को बनाया था निशाना

मामले का खुलासा तब हुआ जब एक विदेशी नागरिक के साथ हुई डिजिटल धोखाधड़ी के संबंध में पनकी थाने में मु0अ0सं0 77/2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। साइबर अपराधी तकनीक का सहारा लेकर विदेशों में बैठे लोगों को अपना शिकार बना रहे थे।

अपस्ट्रॉन स्टेट से हुई गिरफ्तारी

पुलिस आयुक्त के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने सुरागरसी करते हुए अपस्ट्रॉन स्टेट, पनकी के पास से दो मुख्य अभियुक्तों को दबोच लिया। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:

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  1. अमित ओम प्रकाश शर्मा: निवासी झांसी (उम्र 46 वर्ष)।
  2. आकाश कुमार: निवासी नौबस्ता, कानपुर (उम्र 30 वर्ष)।

टाटा हैरियर, लैपटॉप और चेकबुक्स का अंबार बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी के पैसों से ऐश-ओ-आराम का सामान और अपराध में प्रयुक्त डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। बरामदगी की सूची लंबी है:

  • नगद: ₹20,150।
  • वाहन: एक आलीशान टाटा हैरियर कार (MH 47 BK 4078)।
  • गैजेट्स: 01 लैपटॉप (चार्जर सहित) और 04 स्मार्टफोन।
  • बैंकिंग दस्तावेज: 13 चेकबुक, 08 पासबुक, 09 एटीएम कार्ड।
  • अन्य: रेंट एग्रीमेंट, 03 आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और रबर स्टाम्प।

1.30 करोड़ रुपये किए गए फ्रीज

इस गिरोह की सबसे बड़ी चोट उनके आर्थिक तंत्र पर की गई है। साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराधियों द्वारा संचालित भिन्न-भिन्न बैंक खातों की पहचान की, जिनमें ठगी की रकम जमा की गई थी। पुलिस ने इन खातों में मौजूद करीब ₹1,30,00,000 (एक करोड़ तीस लाख रुपये) को फ्रीज करा दिया है, जिससे अपराधियों का नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।

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