कानपुर: छात्रवृत्ति में लापरवाही पर भड़के डीएम, 51 संस्थानों को नोटिस; छुट्टी के दिन भी खुलेंगे दफ्तर – NewsKranti

कानपुर: छात्रवृत्ति में लापरवाही पर भड़के डीएम, 51 संस्थानों को नोटिस; छुट्टी के दिन भी खुलेंगे दफ्तर

दशमोत्तर छात्रवृत्ति के 33 हजार से अधिक आवेदन लंबित होने पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने संस्थानों को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए बायोमैट्रिक प्रक्रिया पूरी करने और शून्य प्रगति वाले स्कूलों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।

Saniya Soni
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Highlights
  • पेंडेंसी का पहाड़: 1,09,305 आवेदनों में से 33,492 आवेदन अब भी शिक्षण संस्थानों के स्तर पर फंसे।
  • जीरो टॉलरेंस: एक भी आवेदन आगे न बढ़ाने वाले 51 संस्थानों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी।
  • स्पेशल ड्यूटी: पेंडेंसी खत्म करने के लिए 27 और 28 दिसंबर (अवकाश के दिन) भी खुले रहेंगे सरकारी कार्यालय।
  • बायोमैट्रिक डेडलाइन: 14 संस्थानों ने अब तक बायोमैट्रिक प्रक्रिया नहीं की पूरी, डीएम ने लगाई फटकार।
  • छात्रों के लिए निर्देश: सभी छात्र 30 दिसंबर 2025 तक अपनी हार्ड कॉपी अनिवार्य रूप से कॉलेज में जमा करें।

कानपुर नगर। शिक्षण संस्थानों की लापरवाही के कारण हजारों छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति अधर में लटकी हुई है। इस स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने जिले के 51 शैक्षिक संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। ज़ूम मीटिंग के जरिए आयोजित समीक्षा बैठक में जब आंकड़ों की पोल खुली, तो डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि छात्रों के हक में देरी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

आंकड़ों में लापरवाही: 33 हजार से ज्यादा आवेदन लंबितएनआईसी के माध्यम से हुई वर्चुअल बैठक में सामने आया कि जनपद में कुल 1,09,305 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 75,813 आवेदनों को तो अग्रसारित कर दिया गया है, लेकिन 33,492 आवेदन अब भी संस्थानों की मेजों पर धूल फांक रहे हैं। डीएम ने इन सभी आवेदनों को अगले तीन दिनों के भीतर निस्तारित करने का अल्टीमेटम दिया है।

अवकाश के दिनों में भी होगा काममामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने आदेश दिया है कि शनिवार और रविवार (27 व 28 दिसंबर) को भी जिला समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय खुले रहेंगे। जिन 14 संस्थानों ने अभी तक INO/HOI बायोमैट्रिक प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें इन दो दिनों में प्रक्रिया संपन्न करने का अंतिम अवसर दिया गया है।

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51 संस्थानों की ‘शून्य’ प्रगति पर नाराजगीसमीक्षा में पाया गया कि जिले के 51 ऐसे संस्थान हैं जिन्होंने अब तक एक भी छात्र का आवेदन आगे नहीं बढ़ाया है। जिलाधिकारी ने ऐसी संस्थाओं के खिलाफ गहरी अप्रसन्नता व्यक्त की और पूछा कि क्यों न उनकी मान्यता या सुविधाओं पर विचार किया जाए।

छात्रों के लिए 30 दिसंबर की डेडलाइनजिलाधिकारी ने शिक्षण संस्थानों के माध्यम से जनपद के सभी छात्र-छात्राओं को सूचित किया है कि वे 30 दिसंबर 2025 तक अपने आवेदन की हार्ड कॉपी हर हाल में कॉलेज में जमा कर दें। हार्ड कॉपी न मिलने के बहाने अब संस्थान आवेदनों को रोक नहीं सकेंगे।

जिम्मेदारों पर गिरेगी गाजबैठक के अंत में डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदनों का निस्तारण नहीं हुआ, तो संबंधित शैक्षिक संस्था के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों की जिम्मेदारी तय करते हुए विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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