कानपुर: घंटाघर रैन बसेरे में बदहाली देख बिफरे डीएम, वसूली की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश – NewsKranti

कानपुर: घंटाघर रैन बसेरे में बदहाली देख बिफरे डीएम, वसूली की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

कानपुर के घंटाघर स्थित रैन बसेरे में सुविधाओं के अभाव और मुफ्त सेवा के नाम पर 20 रुपये की वसूली का मामला सामने आया है। डीएम ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत संचालित इस शेल्टर होम की अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

Saniya Soni
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Highlights
  • औचक निरीक्षण: डीएम ने सुबह 7:45 बजे बिना किसी सूचना के घंटाघर रैन बसेरे का जायजा लिया।
  • अवैध वसूली: रैन बसेरे में ठहरने वालों से 20 रुपये वसूलने की पुष्टि हुई, जबकि यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क है।
  • अव्यवस्था का अंबार: शौचालय, पीने का पानी और रसोई जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव मिला।
  • अधिकारियों पर गाज: जोनल अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब और नव सृजन सोसाइटी के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश।
  • कड़ी चेतावनी: सभी रैन बसेरों में तत्काल साफ बिस्तर, अलाव और इमरजेंसी लाइट सुनिश्चित करने का आदेश।

कानपुर नगर। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच निराश्रितों की मदद के लिए बनाए गए रैन बसेरे भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का अड्डा बनते जा रहे हैं। सोमवार सुबह करीब 7:45 बजे जिलाधिकारी (DM) जितेंद्र प्रताप सिंह ने जब घंटाघर स्थित रैन बसेरे का औचक निरीक्षण किया, तो वहां की बदहाली देखकर उनका पारा चढ़ गया। स्मार्ट सिटी योजना के तहत ‘नव सृजन सोसाइटी प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा संचालित इस शेल्टर होम में नियम-कायदों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।

न पानी, न शौचालय: स्टील के ढांचे में कैद बेबस लोगनिरीक्षण के दौरान पाया गया कि 24 लोगों की क्षमता वाले इस अस्थायी स्टील ढांचे में बुनियादी सुविधाओं का नामोनिशान नहीं था। न तो वहां पीने के पानी की व्यवस्था थी और न ही शौचालय की। रसोइघर का अभाव मिला और दैनिक उपयोग की वस्तुएं जैसे बाल्टी और मग भी नदारद थे। सबसे शर्मनाक स्थिति बिस्तरों की थी; गद्दे, कंबल और चादरें इतनी गंदी थीं कि उन पर लेटना भी दूभर था।

निःशुल्क सेवा के नाम पर ‘वसूली’ का खेलडीएम के निरीक्षण में सबसे चौंकाने वाला खुलासा अवैध वसूली का हुआ। पूछताछ और जांच में पुष्टि हुई कि संस्था के प्रतिनिधि रात्रि विश्राम के बदले गरीब लोगों से 20-20 रुपये की अवैध वसूली कर रहे थे। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए संबंधित संस्था के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही, लचर पर्यवेक्षण के लिए जोनल अधिकारी से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।

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रजिस्टर की जांच में खुली पोलजिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद केयर टेकर अमर सिंह को फटकार लगाते हुए उपस्थिति रजिस्टर की जांच की। रजिस्टर में दर्ज नंबरों पर जब फोन मिलाया गया, तो कई नंबर बंद मिले। हालांकि, विवेक कुमार नाम के एक व्यक्ति से संपर्क हुआ, जिसने रात में रुकने और सुबह चले जाने की पुष्टि की।

प्रशासन को सख्त चेतावनीडीएम ने नगर निगम के अपर नगर आयुक्त, नगर स्वास्थ्य अधिकारी और जोनल अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी है कि वे स्वयं रैन बसेरों का नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने कहा, “रैन बसेरे पूरी तरह निःशुल्क हैं। यदि किसी भी रैन बसेरे में पैसे मांगने की शिकायत मिली, तो जिम्मेदार अधिकारियों और संस्था पर जेल भेजने जैसी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने तत्काल प्रभाव से अलाव, साफ बिस्तर और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।

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