कानपुर: आयुष्मान कार्ड अभियान में लापरवाही पर DM का चाबुक

कानपुर: आयुष्मान कार्ड अभियान में लापरवाही पर DM का चाबुक, तीन MOIC को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी

आयुष्मान कार्ड बनाने में सुस्ती दिखाने वाले 3 MOIC को डीएम ने थमाया नोटिस। बजट खर्च न करने वाले 7 स्वास्थ्य केंद्रों की रिपोर्ट जाएगी शासन को।

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ख़बर एक नज़र में :
  • तीन MOIC को नोटिस: शिवराजपुर, बिल्हौर और भीतरगांव के चिकित्सा अधीक्षकों पर गिरी गाज।
  • डेडलाइन: 3 फरवरी को होगी अगली समीक्षा, प्रगति न होने पर होगी बड़ी कार्रवाई।
  • बजट की बर्बादी: 7 नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा फंड का इस्तेमाल न करने पर शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट।
  • नंबर 1 कानपुर: 70+ आयु वर्ग के कार्ड बनाने में कानपुर यूपी में पहले स्थान पर।
  • कुल कार्ड: जनपद में अब तक 8.64 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी।

कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में जन-कल्याणकारी योजनाओं के प्रति अधिकारियों की ढिलाई पर जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान आयुष्मान कार्ड निर्माण की धीमी गति और बजट के सही उपयोग न होने पर DM ने भारी नाराजगी व्यक्त की। लापरवाही पाए जाने पर शिवराजपुर, बिल्हौर और भीतरगांव के चिकित्सा अधीक्षकों (MOIC) को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया है।

समीक्षा बैठक में फूटा जिलाधिकारी का गुस्सा

सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं और विशेष रूप से आयुष्मान भारत योजना की प्रगति की जांच की गई। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जनवरी माह में अब तक मात्र 7,258 नए आयुष्मान कार्ड ही बनाए जा सके हैं। इस आंकड़े को अपर्याप्त मानते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को फटकार लगाई और स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकताओं में शामिल इस योजना में किसी भी प्रकार की शिथिलता अक्षम्य है।

युद्ध स्तर पर कार्य करने के निर्देश

जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “आयुष्मान कार्ड केवल एक प्लास्टिक कार्ड नहीं, बल्कि गरीब जनता के लिए जीवनरक्षक कवच है। इसमें देरी का अर्थ है पात्रों को उनके अधिकारों से वंचित रखना।” उन्होंने आगामी 3 फरवरी तक का समय देते हुए कहा कि यदि अगली समीक्षा तक प्रगति संतोषजनक नहीं मिली, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर विभागीय और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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यूपीएचसी (UPHC) में बजट खर्च न होने पर जताई नाराजगी

बैठक में केवल कार्ड निर्माण ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य केंद्रों के बजट प्रबंधन पर भी उंगलियां उठीं। जन आरोग्य समिति के तहत नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (UPHC) को आवंटित धनराशि का उपयोग न होने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई।

  • ग्वालटोली, जूही, जागेश्वर, बेनाझाबर, सर्वोदय नगर और अनवरगंज यूपीएचसी में बजट का उपयोग अत्यंत सीमित पाया गया।
  • रामबाग यूपीएचसी की स्थिति सबसे खराब रही, जहाँ धनराशि होने के बावजूद उसका उपयोग मरीजों की सुविधाओं के लिए नहीं किया गया।

इस मामले में डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को निर्देशित किया कि इन सातों केंद्रों की लापरवाही के संबंध में शासन को पत्र लिखा जाए।

उपलब्धि: वय वंदना योजना में कानपुर प्रदेश में अव्वल

जहाँ एक ओर लापरवाही पर सख्ती दिखी, वहीं दूसरी ओर कुछ सकारात्मक आंकड़े भी सामने आए। जनपद कानपुर नगर में अब तक कुल 8,64,021 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। विशेष रूप से ‘वय वंदना योजना’ के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के 79,533 बुजुर्गों के कार्ड बनाकर कानपुर नगर पूरे उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान पर काबिज है। जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि को सराहा लेकिन साथ ही शेष पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द योजना से जोड़ने का लक्ष्य दिया।

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