कानपुर। जाजमऊ क्षेत्र में गंगा को प्रदूषण मुक्त करने की मुहिम को कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही से बड़ा झटका लग रहा है। शुक्रवार को जाजमऊ स्थित 20 एमएलडी कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) का औचक निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह निर्माण कार्यों की बदहाली देख बिफर पड़े। कार्यदायी संस्था वीए टेक वबाग द्वारा कराए जा रहे पाइपलाइन और सीवर कार्यों की धीमी रफ्तार और मानक विहीन गुणवत्ता पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल नोटिस और भारी जुर्माना लगाने के आदेश दिए हैं।
निरीक्षण में खुली पोल: न गुणवत्ता, न सुरक्षा
जिलाधिकारी ने सबसे पहले निर्माणाधीन पाइपलाइन और सीवर नेटवर्क का जायजा लिया। वहां न तो कार्य की गति संतोषजनक मिली और न ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप थी। इसके बाद जब वे पीएस-प्रथम (PS-1) पहुंचे, तो वहां भी स्थिति बेहद खराब पाई गई। वबाग कंपनी द्वारा किए गए कार्यों में तकनीकी खामियां साफ नजर आईं, जिसे डीएम ने गंभीरता से लिया।
स्लज प्रबंधन में बड़ी चूक, पर्यावरण को खतरा
समीक्षा के दौरान हेजार्डस स्लज (खतरनाक कचरा) के निस्तारण में भारी लापरवाही सामने आई। मौके पर कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन नहीं मिला, जो पर्यावरणीय नियमों का खुला उल्लंघन है। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही करार देते हुए स्पष्ट किया कि प्रदूषण के मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
“वर्तमान में माघ मेला चल रहा है और टैनरियां बंद हैं। यह सबसे उपयुक्त समय है कि सीईटीपी की तकनीकी और संरचनात्मक कमियों को दूर किया जाए। यदि इस अवधि में भी सुधार नहीं हुआ, तो शासन स्तर पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” — जितेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी कानपुर नगर
जनता की परेशानी पर लगेगा जुर्माना
निरीक्षण में पाया गया कि वीए टेक वबाग ने पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों को खोदकर छोड़ दिया है। सुरक्षा बैरिकेडिंग के अभाव और खुले गड्ढों के कारण जाजमऊ की जनता का आवागमन दूभर हो गया है। जिलाधिकारी ने इसे जन सुरक्षा से खिलवाड़ बताते हुए गड्ढों को तत्काल भरने और निर्माण एजेंसी पर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
शासन को भेजी जाएगी ‘ब्लैक लिस्ट’ रिपोर्ट
डीएम ने जाजमऊ टेनरी एफ्लुएंट ट्रीटमेंट एसोसिएशन (जेटेटा) के सचिव को कड़े निर्देश दिए कि अब तक हुए कार्यों का एक सेपरेट ऑडिट रिपोर्ट तैयार की जाए। इसमें संतोषजनक और खराब गुणवत्ता वाले कार्यों का अलग-अलग ब्यौरा देकर सीधे शासन को भेजा जाएगा। साथ ही, वबाग कंपनी की तकनीकी बाधाओं और प्रशासनिक अड़चनों की रिपोर्ट भी शासन को भेजी जाएगी।
