कानपुर | उत्तर भारत में पड़ रहे भीषण कोहरे और धुंध ने अब सड़कों पर अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। औद्योगिक नगरी कानपुर के यशोदा नगर इलाके में मंगलवार सुबह एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया। घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से टमाटरों से लदी एक तेज रफ्तार पिकअप वैन अनियंत्रित होकर यशोदा नगर फ्लाईओवर के डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और दो युवक उसमें बुरी तरह फंस गए।
दो घंटे चला सांसे थाम देने वाला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की जानकारी मिलते ही किदवई नगर फायर ऑफिसर कामता प्रसाद अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। वाहन का ढांचा (चेचिस) पिचक जाने के कारण घायल युवक अंदर ही मलबे में दब गए थे। सामान्य तरीकों से उन्हें बाहर निकालना असंभव था, जिसके बाद फायर ब्रिगेड ने गैस कटर मंगवाया। कड़ाके की ठंड और धुंध के बीच लगभग दो घंटे तक कटर की मदद से वाहन के हिस्सों को काटकर रास्ता बनाया गया। अंततः दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिसे देख वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर राहत की सांस ली।
टमाटरों से पटी सड़क, लगा लंबा जाम
पिकअप वैन रामादेवी की ओर जा रही थी। पलटने के कारण वाहन में लदे टमाटर फ्लाईओवर पर बिखर गए, जिससे सड़क पर फिसलन और बढ़ गई। इस दुर्घटना के चलते नौबस्ता और रामादेवी के बीच यातायात पूरी तरह ठप हो गया। मौके पर पहुंची नौबस्ता थाना पुलिस और यातायात पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन को किनारे किया और बिखरे हुए मलबे को हटाकर करीब 3 घंटे बाद यातायात सुचारू कराया।
स्थानीय लोगों ने थपथपाई पुलिस और फायर ब्रिगेड की पीठ
हादसे के बाद राहत कार्य में जुटे फायर ऑफिसर और पुलिस कर्मियों के धैर्य और साहस की राहगीरों ने जमकर प्रशंसा की। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर गैस कटर के साथ नहीं पहुंचती, तो युवकों की जान बचाना मुश्किल हो सकता था।
