कानपुर। नए साल के जश्न के लिए अपराध का रास्ता चुनने वाले एक शातिर गिरोह का नजीराबाद पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान पांच वाहन चोरों को दबोचकर उनके कब्जे से चोरी की गई एक बाइक और एक स्कूटी बरामद की है। डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह ने शनिवार को प्रेसवार्ता कर इस सफलता की जानकारी साझा की।
चेकिंग के दौरान पुलिस को मिली सफलता
डीसीपी सेंट्रल ने बताया कि 1 जनवरी को हरबंश मोहाल निवासी प्रकाश नारायण बाजपेई की बाइक घर के बाहर से चोरी हो गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए नजीराबाद पुलिस अलर्ट पर थी। अगले ही दिन पुलिस टीम जेके मंदिर धर्मशाला के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी, तभी बाइक और स्कूटी पर सवार पांच युवक आते दिखे। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने गाड़ी मोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा।
मजदूरी की आड़ में करते थे रेकी
पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार आरोपी रोशन सिंह, गौरव सिंह, प्रिंस कश्यप, सचिन सक्सेना और आर्यन कश्यप (सभी निवासी गंगाघाट, उन्नाव) कानपुर और उन्नाव में मजदूरी का काम करते थे। मजदूरी के दौरान ही वे उन स्थानों की रेकी करते थे जहाँ से वाहन आसानी से चोरी किए जा सकें। गिरोह का सरगना सचिन सक्सेना है, जो चोरी की योजना बनाने में माहिर है।
पार्टी के लिए बेचने जा रहे थे वाहन
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने हरबंश मोहाल से प्रकाश नारायण की बाइक चोरी की थी, जबकि स्कूटी उन्नाव जनपद से उड़ाई गई थी। वे इन वाहनों को फजलगंज इलाके में बेचने की फिराक में थे ताकि मिले पैसों से नए साल की ग्रैंड पार्टी कर सकें। पुलिस अब उन खरीदारों की तलाश में छापेमारी कर रही है जो चोरी के इन वाहनों को खरीदने वाले थे।
पुलिस की कार्रवाई
डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह के अनुसार, आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। विशेष रूप से उन्नाव की गंगाघाट कोतवाली से इनके पुराने मुकदमों का ब्यौरा मांगा गया है। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और टीम को इस सफलता के लिए पुरस्कृत करने की भी योजना है।
