Kanpur: महापौर पुत्र पर जमीन बेचने का आरोप, संत लाल हाते के लोगों ने प्रभारी मंत्री के सामने किया जोरदार प्रदर्शन – NewsKranti

Kanpur: महापौर पुत्र पर जमीन बेचने का आरोप, संत लाल हाते के लोगों ने प्रभारी मंत्री के सामने किया जोरदार प्रदर्शन

कानपुर में महापौर के बेटे के खिलाफ संत लाल हाते के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बस्ती को प्राइवेट जमीन बताकर बेचने के आरोपों को लेकर प्रभारी मंत्री के सामने प्रदर्शन किया गया।

Saniya Soni
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Highlights
  • संत लाल हाते के लोगों ने नगर निगम पहुंचकर किया प्रदर्शन
  • प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के सामने उठाई बस्ती बचाने की मांग
  • महापौर के बेटे अमित पांडेय उर्फ बंटी पर जमीन बेचने का आरोप
  • बस्ती को 37 साल पहले मलिन बस्ती घोषित किया गया था
  • 3000 आबादी पर केवल 10 सीट का सुलभ शौचालय
  • 🧾 केडीए ने 2006 में किया था भूमि आवंटन
  • मुख्यमंत्री सहित कई अधिकारियों को सौंपा गया ज्ञापन

Kanpur News: कानपुर नगर निगम में चल रहा पार्षदों और महापौर पुत्र के बीच विवाद अब सड़क पर आ गया है। हर्षनगर स्थित संत लाल हाते के लोगों ने बस्ती को बचाने और सीवर लाइन की मांग को लेकर नगर निगम पहुंचकर प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि महापौर के पुत्र अमित पांडेय उर्फ बंटी और खुद को हाते का कथित मालिक बताने वाला पवन कुमार इस दलित बस्ती को प्राइवेट जमीन बताकर बेचने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाए — “दलित बस्ती बिकेगी नहीं, महापौर पुत्र की मनमानी चलेगी नहीं।”

स्थानीय लोगों का कहना है कि संत लाल हाता को 37 वर्ष पहले मलिन बस्ती घोषित किया गया था, लेकिन आज तक यहां सीवर लाइन नहीं बिछाई गई। करीब 3000 की आबादी के लिए सिर्फ 10 सीट वाला सुलभ शौचालय है, जिससे लोगों को सुबह-शाम लंबी कतारों में लगना पड़ता है।

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प्रदर्शनकारियों ने बताया कि केडीए ने वर्ष 2006 में संत लाल हाते की जमीन स्थानीय निवासियों के नाम आवंटित कर दी थी और इसके एवज में 5000 रुपये आवंटन शुल्क भी जमा कराया गया था।

इससे पहले नगर निगम सदन की बैठक में पार्षद पवन गुप्ता ने इस बस्ती में सीवर लाइन का मुद्दा उठाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया गया और बाद में उन्हें सदन से निष्कासित कर दिया गया।

बस्ती के लोगों ने प्रभारी मंत्री के साथ-साथ मुख्यमंत्री, दोनों डिप्टी सीएम, डीएम, नगर आयुक्त, सांसद और सभी विधायकों को ज्ञापन भेजकर हाते को अवैध तरीके से बेचने से रोकने की मांग की है।

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