कानपुर। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) की कानपुर मेट्रो न केवल अपनी रफ्तार और सुविधाओं के लिए चर्चा में है, बल्कि अपने स्टाफ की ईमानदारी और संवेदनशीलता के लिए भी मिसाल बन रही है। साल के आखिरी दिन कानपुर सेंट्रल मेट्रो स्टेशन पर स्टाफ ने एक यात्री का कीमती लैपटॉप से भरा बैग लौटाकर ‘खाकी और सेवा’ के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है।
30 मिनट के भीतर यात्री को मिला सामान
आज दोपहर करीब 2:30 बजे कानपुर सेंट्रल मेट्रो स्टेशन पर यात्री गौरव गुप्ता अपना बैग भूल गए थे। स्टेशन कंट्रोलर सृष्टि रंजन को जैसे ही लावारिस बैग मिला, उन्होंने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उसकी जांच की और यात्री की पहचान सुनिश्चित की। महज आधे घंटे के भीतर, दोपहर 3:00 बजे गौरव गुप्ता को उनका बैग सुरक्षित सौंप दिया गया। इसी तरह 28 दिसंबर को भी परेड निवासी अराज आलम का लैपटॉप और मोबाइल से भरा बैग स्टेशन कंट्रोलर गणेशमणि त्रिपाठी द्वारा लौटाया गया था।
साल 2025 की उपलब्धियां: आंकड़ों में ईमानदारी
कानपुर मेट्रो ने वर्ष 2025 में यात्रियों की सेवा के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं:
- कीमती सामान: 7 लैपटॉप और 40 मोबाइल फोन बरामद कर मालिकों को सौंपे गए।
- नकद राशि: विभिन्न स्टेशनों से कुल ₹11,960 की नकदी सुरक्षित लौटाई गई।
- अन्य वस्तुएं: 156 विविध सामान (कपड़े, बैग आदि) वापस किए गए।
- मानवीय चेहरा: यात्रा के दौरान परिजनों से बिछड़े 5 बच्चों को सकुशल उनके माता-पिता से मिलाया गया।
“सेवा भाव और ईमानदारी हमारे प्रशिक्षण का मूल हिस्सा है। यात्रियों का भरोसा ही हमारी असली कमाई है। नववर्ष पर हम शहर को और सुरक्षित यात्रा का संकल्प देते हैं।” — सुशील कुमार, प्रबंध निदेशक, UPMRC
सांस्कृतिक रंग: ‘माटी कहे कुम्हार से’ के साथ विदा हुआ 2025
नए साल के स्वागत के उपलक्ष्य में कानपुर के मेट्रो स्टेशन सांस्कृतिक छटा से सराबोर दिखे।
- बड़ा चौराहा मेट्रो स्टेशन: यहाँ गीतानुरागी फाउंडेशन के कलाकारों ने संत कबीर के कालजयी दोहों की प्रस्तुति दी। ‘मन के हारे हार है…’ और ‘बड़ा हुआ सो क्या हुआ…’ जैसे भजनों ने यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
- नवीन मार्केट मेट्रो स्टेशन: यहाँ GGIC चुन्नीगंज की छात्राओं ने भव्य रंगोली बनाई, जिसमें कानपुर की बदलती तस्वीर और मेट्रो के योगदान को दर्शाया गया।
