कानपुर | 10 मई, 2026 कानपुरवासियों के लिए परिवहन के क्षेत्र में आज एक ऐतिहासिक दिन रहा। कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-1 (IIT से नौबस्ता) के अंतिम चरण का काम अपनी मंज़िल के बेहद करीब पहुँच गया है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि (9-10 मई) को कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच मेट्रो का सफल ‘हाई स्पीड ट्रायल’ पूरा कर लिया है।
एटीपी मोड पर 80 किमी प्रति घंटा की रफ़्तार
मेट्रो के अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन को ‘अप-लाइन’ और ‘डाउनलाइन’ दोनों पर 80 किमी प्रति घंटा की अधिकतम निर्धारित गति से चलाकर परखा गया। यह टेस्टिंग ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) मोड पर की गई, जो सुरक्षा की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण तकनीक मानी जाती है। ट्रायल के दौरान ट्रेन की स्टेबिलिटी, ट्रैक की मजबूती और सिग्नलिंग सिस्टम के तालमेल का बारीकी से निरीक्षण किया गया।
स्पीड ब्रेक टेस्ट और सुरक्षा मानक
इस दौरान केवल रफ़्तार ही नहीं, बल्कि आपातकालीन स्थिति में ट्रेन को नियंत्रित करने के लिए ‘स्पीड ब्रेक टेस्ट’ भी किया गया। इसमें अधिकतम गति पर अचानक ब्रेक लगाकर सिस्टम की कार्यक्षमता जांची गई। सिग्नलिंग विभाग के अपर महाप्रबंधक श्री दीपक पांडेय और उनकी विशेषज्ञ टीम की मौजूदगी में इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।
इन 7 नए स्टेशनों से चमकेगी शहर की रफ़्तार
कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच इस 8 किलोमीटर के हिस्से के चालू होते ही कॉरिडोर-1 पूरी तरह संचालित हो जाएगा। इस रूट पर यात्रियों को कुल 7 नए स्टेशनों की सुविधा मिलेगी:
- झकरकटी (अंडरग्राउंड)
- ट्रांसपोर्ट नगर (अंडरग्राउंड)
- बारादेवी (एलिवेटेड)
- किदवई नगर (एलिवेटेड)
- वसंत विहार (एलिवेटेड)
- बौद्ध नगर (एलिवेटेड)
- नौबस्ता (एलिवेटेड)
विदेशी एजेंसी कर रही है सुरक्षा की जांच
UPMRC के प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार ने बताया कि सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए एक स्वतंत्र विदेशी एजेंसी (Independent Safety Assessment) को नियुक्त किया गया है। यह एजेंसी दो ट्रेनों के बीच की दूरी (Seperation), सिग्नलिंग इंस्टालेशन और ट्रैक सेफ्टी के वैश्विक मानकों की जांच कर रही है। जल्द ही सीएमआरएस (CMRS) टीम के निरीक्षण के बाद इस रूट को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
