कानपुर। उत्तर प्रदेश में नशे के सौदागरों के खिलाफ जारी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कानपुर पुलिस को शनिवार को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई। पुलिस उपायुक्त (अपराध) एस.के. सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने अनवरगंज थाना क्षेत्र के देवनगर स्थित मैसर्स बालाजी मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर नशे के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।
अधिकारियों के अनुसार, यह मेडिकल स्टोर केवल नाम के लिए था, असल में यहाँ से पूरे शहर और आसपास के जिलों में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की खेप सप्लाई की जाती थी। छापेमारी के दौरान टीम ने जब स्टोर की तलाशी ली, तो वहां भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाओं का स्टॉक देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।
बरामदगी का आंकड़ा: लाखों की नशीली दवाएं जब्त
पुलिस और औषधि निरीक्षक की टीम ने मौके से जो माल बरामद किया है, उसकी बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है:
- कोडीन सिरप: 2100 बोतल फेन्सीपिक-टी (Phensipic-T) कफ सिरप, जिसका इस्तेमाल नशे के लिए किया जाता है।
- प्रतिबंधित गोलियां: 10,800 से अधिक एल्प्राजोलम (Alprazolam 0.5) युक्त टैबलेट्स (कैलमपिक)।
- अवैध भंडारण: जांच में पाया गया कि आरोपी के पास इन दवाओं को बेचने या स्टोर करने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। इन दवाओं की खरीद-फरोख्त के कागजात भी फर्जी पाए गए हैं।
इनामी तस्कर सलाखों के पीछे: 25 हजार का था इनाम
इस पूरे मामले का मुख्य सूत्रधार पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है। डीसीपी अपराध ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी एक शातिर अपराधी है, जो काफी समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने 25,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। वह पुलिस को चकमा देने के लिए बार-बार ठिकाने बदल रहा था, लेकिन सर्विलांस और मुखबिर की सटीक सूचना पर उसे दबोच लिया गया।
आरोपी से शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि यह माल दिल्ली और अन्य राज्यों से सस्ते दामों पर मंगवाकर युवाओं के बीच ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं।
“नशे के सौदागरों को बख्शा नहीं जाएगा” – पुलिस
डीसीपी अपराध एस.के. सिंह ने सख्त लहजे में कहा कि कानपुर को ड्रग्स मुक्त बनाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने जनता से भी अपील की कि यदि उनके आसपास कहीं भी अवैध मेडिकल स्टोर या नशीली दवाओं की बिक्री हो रही है, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
