कानपुर पुलिस का ‘मिशन 2026’: 11 नए थाने, हाईटेक पुलिस लाइन से बदलेगी शहर की सुरक्षा – NewsKranti

कानपुर पुलिस का ‘मिशन 2026’: 11 नए थाने, हाईटेक पुलिस लाइन से बदलेगी शहर की सुरक्षा

कानपुर में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 2026 में 11 नए थाने स्थापित होंगे, जो मौजूदा बड़े क्षेत्रफल वाले थानों से कटकर बनेंगे। इसके अलावा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवास, नई इमारतें और बैरक का निर्माण होगा, जिससे बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित होगी।

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Highlights
  • नया थाना विस्तार: चकेरी, काकादेव, कल्याणपुर और बिठूर जैसे बड़े थाना क्षेत्रों को काटकर 11 नए थाने बनेंगे।
  • आवासीय सुविधा: मंधना में 12 मंजिला चार इमारतों (192 फ्लैट) का ट्रांजिट हॉस्टल और यातायात पुलिस लाइन में ऑफिसर्स कॉलोनी।
  • आधुनिकरण: साइबर क्राइम थाने के लिए नई इमारत और अरौल थाने का निर्माण इसी माह शुरू होगा।
  • चुनौतियां: 12 हजार पुलिस बल की जरूरत, साइबर विशेषज्ञों की कमी और संसाधनों का अभाव।

कानपुर: अपराध पर अंकुश लगाने और जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के लिए कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में वर्ष 2026 नई उम्मीदों का संचार कर रहा है। शहर में 11 नए पुलिस थानों का निर्माण लक्ष्य रखा गया है, जो मौजूदा बड़े थानाक्षेत्रों से अलग होकर बनाए जाएंगे। इससे पीड़ितों को थाने पहुंचने में सुविधा होगी और पुलिसकर्मी आसानी से गश्त कर सकेंगे, साथ ही घटनास्थल पर तुरंत पहुंच सकेंगे।

नए थानों से मिलेगी राहत

ये नए थाने उन क्षेत्रों में बनेंगे जहां मौजूदा थानों का क्षेत्रफल काफी विस्तृत है, जिससे पीड़ितों को दूर से थाने आना पड़ता है। अधिकारियों का कहना है कि इससे पुलिस की पहुंच बढ़ेगी और अपराधी आसानी से फरार नहीं हो पाएंगे। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद चकेरी थाने से कटकर कोयला नगर थाना, काकादेव से शास्त्रीनगर, कल्याणपुर से इंद्रानगर, घाटमपुर से पतारा, साढ़ से भीतरगांव और बिठूर से पर्यटक थाना बनना तय हो चुका है। इसके अलावा तीन और थानों के लिए क्षेत्र चिह्नित किया जा रहा है।

पुलिसकर्मियों के लिए आवासीय सुविधाएं

इस वर्ष राजपत्रित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नई आवासीय इमारतों का निर्माण शुरू होगा। घाटमपुर, बिल्हौर, सांढ़, रेउना और सेन पश्चिम पारा थानों के साथ आवासीय इमारतों का काम चल रहा है, जो 2026 में पूरा होने की उम्मीद है। साइबर क्राइम थाने की नई इमारत पुलिस लाइन में बन रही है, जबकि अरौल थाने की इमारत जनवरी 2026 में शुरू होगी। सचेंडी, नर्वल और गुजैनी थानों के लिए स्वीकृति मिल चुकी है, बजट का इंतजार है। बेकनगंज, सजेती, बिधनू, रावतपुर, जाजमऊ थानों के लिए जमीन चिह्नित की जा रही है, जबकि फजलगंज, बजरिया, ग्वालटोली, स्वरूप नगर और गोविंद नगर थानों के नए भवनों का प्रस्ताव भेजा जाएगा।

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बैरक और अन्य निर्माण कार्य

अर्मापुर, ककवन, शिवराजपुर, महाराजपुर, पनकी और बाबूपुरवा थानों की बैरक का निर्माण चल रहा है। कल्याणपुर, कलक्टरगंज और बिठूर थानों की बैरक जल्द शुरू होंगी। एसीपी से डीसीपी स्तर के अधिकारियों के लिए यातायात पुलिस लाइन में ‘राजकीय आफिसर्स कालोनी’ बन रही है, जिसमें 48 फ्लैट होंगे। मंधना के बगदौधी कछार में 12 मंजिला चार इमारतें बन रही हैं, जिनमें कुल 192 फ्लैट होंगे, इसे ट्रांजिट हॉस्टल नाम दिया गया है।

शहर को चार जोनों में बांटा गया

बेहतर पुलिसिंग के लिए कानपुर को पूर्वी, पश्चिम, दक्षिण और सेंट्रल जोन में विभाजित किया गया है, जिसमें 52 पुलिस थाने और एक साइबर क्राइम थाना शामिल है। सेंट्रल जोन में क्षेत्रफल कम होने से पुलिस तुरंत पहुंच जाती है, लेकिन अन्य जोनों के बाहरी क्षेत्रों में दूरी अधिक होने से चुनौतियां हैं। पुलिस आयुक्त कार्यालय के लिए रेवथ्री के पास, म्योर मिल और रायपुरवा में जमीन देखी जा चुकी है।

पुलिसिंग की मौजूदा चुनौतियां

कानपुर कमिश्नरेट का क्षेत्रफल बड़ा है और आबादी अधिक होने से संसाधनों की कमी है। वर्तमान में 8 हजार पुलिस फोर्स है, लेकिन 12 हजार की जरूरत है। यातायात पुलिसकर्मी 455 हैं, जबकि 900 चाहिए। अन्य चुनौतियां включают: 5 हाईड्रा और क्रेन की कमी, 15 थानों में नई गाड़ियां, इंटेलिजेंस यूनिट का विस्तार, हर जोन में पुलिस लाइन, कंप्यूटर ऑपरेटर, साइबर क्राइम यूनिट, एसडीआरएफ की दो कंपनियां, डॉग स्क्वाड में 24 श्वान, फायरिंग रेंज, आधुनिक हथियार जैसे कार्नर शॉट गन, एमपी-5, एके-47, टियर गैस गन, दंगा नियंत्रण वाहन और आग बुझाने के उपकरण। पुलिस लाइन सेटअप के लिए गंगा पार 100 एकड़ जमीन का प्रस्ताव भेजा जाएगा।

संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय विनोद कुमार सिंह ने कहा, “कमिश्नरेट आने के बाद अपराध कम हुए हैं और जनता की समस्याओं का समाधान हो रहा है, लेकिन संसाधनों की कमी चुनौती है।”

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