कानपुर नगर। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने और महिला उद्यमियों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से कानपुर के ऐतिहासिक मोतीझील लॉन संख्या–02 में आगामी 4 जनवरी से 6 जनवरी 2026 तक ‘मण्डलीय एवं जनपद स्तरीय सरस मेला’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो गई है।
बुधवार को सरसैया घाट स्थित सभागार में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें मेले की रूपरेखा और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
मण्डल भर के उत्पादों का होगा संगम
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि इस तीन दिवसीय मेले में न केवल कानपुर नगर, बल्कि पूरे कानपुर मण्डल के सभी जनपदों की सक्रिय सहभागिता रहेगी।
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन: मेले का मुख्य आकर्षण ग्रामीण क्षेत्रों के स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प, खाद्य पदार्थ और पारंपरिक उत्पाद होंगे।
- आर्थिक मजबूती: सीडीओ ने कहा कि इस मेले का प्राथमिक उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देना है, जिससे उनके आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त हो सके।
विभागीय समन्वय और पुख्ता सुरक्षा के निर्देश
आयोजन को सुव्यवस्थित बनाने के लिए सीडीओ दीक्षा जैन ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए:
- समय-सीमा: सभी स्टॉल और बुनियादी ढांचा 4 जनवरी से पहले तैयार कर लिया जाए।
- समन्वय: लोक निर्माण विभाग, अग्निशमन विभाग और यातायात पुलिस आपसी तालमेल से काम करें ताकि मेले में आने वाले आगंतुकों को असुविधा न हो।
- स्वास्थ्य एवं सुरक्षा: मेले के दौरान अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
बैठक में इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
रणनीतिक बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, डीसी एनआरएलएम, जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, उपायुक्त यातायात और अग्निशमन अधिकारी सहित कई विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
