कानपुर में खाद्य सुरक्षा पर बड़ा अभियान: FoSTaC और RUCO ट्रेनिंग में 260

कानपुर: सेहत से खिलवाड़ करने वालों की खैर नहीं, खाद्य सुरक्षा और ‘RUCO’ पर उद्यमियों को मिला कड़ा संदेश

कानपुर के आईआईए भवन में आयोजित एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में 260 से अधिक खाद्य उद्यमियों और कर्मचारियों को 'खाद्य सुरक्षा और प्रयुक्त खाद्य तेल (UCO) के सुरक्षित निस्तारण' के बारे में प्रशिक्षित किया गया। सहायक आयुक्त खाद्य संजय प्रताप सिंह ने मिलावट और दूषित तेल के खतरों के प्रति आगाह किया।

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ख़बर एक नज़र में :
  • सहभागिता: 260 से अधिक खाद्य कर्मियों ने लिया हिस्सा।
  • विषय: FoSTaC (खाद्य सुरक्षा मानक) और RUCO (प्रयुक्त तेल प्रबंधन)।
  • चेतावनी: बार-बार गर्म किए तेल से कैंसर और हृदय रोग का खतरा।
  • विकल्प: प्रयुक्त तेल से बनेगा बायोडीजल, स्वच्छ भारत अभियान को मिलेगी गति।
  • अधिकारी: सहायक आयुक्त खाद्य संजय प्रताप सिंह ने किया नेतृत्व।

कानपुर | कानपुर नगर के औद्योगिक परिदृश्य में आज एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ा, जब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) और यू०पी० बिस्कुट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के साथ मिलकर एक विशाल जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया। जिलाधिकारी श्री जितेन्द्र प्रताप सिंह के कड़े निर्देशों के अनुपालन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य कानपुर को ‘ईट राइट सिटी’ (Eat Right City) की संकल्पना में अग्रणी बनाना है।

FoSTaC प्रशिक्षण: सुरक्षित भोजन, स्वस्थ नागरिक

आईआईए (IIA) भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में 260 से अधिक खाद्य निर्माताओं, प्रबंधकों और कर्मचारियों ने शिरकत की। FoSTaC (Food Safety Training & Certification) सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि खाद्य निर्माण प्रक्रिया में स्वच्छता और मानक केवल कानूनी मजबूरी नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। होटल, रेस्टोरेंट, बेकरी और मिठाई निर्माताओं को स्वस्थ खाद्य निर्माण प्रक्रिया के बारीक पहलुओं से अवगत कराया गया।

RUCO: जला हुआ तेल बन सकता है ‘ज़हर’

कार्यक्रम का सबसे मुख्य आकर्षण RUCO (Repurpose Used Cooking Oil) पहल रही। प्रशिक्षण में यह कड़ा संदेश दिया गया कि एक बार उपयोग किया गया तेल यदि बार-बार गर्म किया जाता है, तो वह ‘ट्रांस फैट’ और कैंसरकारी तत्वों का भंडार बन जाता है।

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सहायक आयुक्त (खाद्य) श्री संजय प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा:

“खाद्य सुरक्षा विभाग का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जागरूकता फैलाना है। जला हुआ तेल मानव स्वास्थ्य के लिए घातक है। RUCO योजना के माध्यम से हम इस तेल को खाद्य श्रृंखला से बाहर कर बायोडीजल में बदलने का लक्ष्य रख रहे हैं।”

विशेषज्ञों की राय और तकनीकी जानकारी

एस एस ऑयल ब्रदर्स के प्रतिनिधि श्री ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव और श्री श्रीनिवास ने प्रयुक्त खाद्य तेल के संग्रहण, पंजीकरण और ट्रेसेबिलिटी की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे उद्यमी अपने बचे हुए तेल को बेचकर न केवल पर्यावरण बचा सकते हैं, बल्कि आर्थिक लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं। मौके पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र द्विवेदी सहित संजय कुमार वर्मा, डॉ अजय मौर्या और चित्रसेन सिंह ने भी महत्वपूर्ण कानूनी जानकारियां साझा कीं।

उद्यमियों की भारी सहभागिता

कार्यक्रम में औद्योगिक जगत के दिग्गज हस्तियों ने हिस्सा लिया, जिनमें पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील वैश्य, श्री आलोक अग्रवाल, श्री दिनेश बरासिया, श्री नवीन खन्ना, श्री जसवंत सिंह और श्री संदीप सावलानी प्रमुख थे। सभी ने एक स्वर में विभाग की इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के लिए प्रतिबद्धता जताई।

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