कानपुर : रामादेवी से गोल चौराहा तक बनेगा 4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर

कानपुर के विकास को लगे पंख: रामादेवी से गोल चौराहा तक 4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर को मिली मंजूरी

कानपुर सांसद रमेश अवस्थी के प्रयासों से शहर को 988.30 करोड़ का एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट मिला है, जो 16 रेलवे क्रॉसिंग के जाम को खत्म करेगा।

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ख़बर एक नज़र में :
  • 988.30 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक 4-लेन कॉरिडोर।
  • सांसद रमेश अवस्थी के प्रयासों को मिली बड़ी सफलता।
  • रामादेवी से गोल चौराहा के बीच की 16 रेलवे क्रॉसिंग का समाधान।
  • कानपुर के ट्रैफिक ढांचे में आएगा ऐतिहासिक बदलाव।

कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर के लिए आज का दिन ऐतिहासिक उपलब्धियों भरा रहा। शहर की सबसे बड़ी समस्या ‘ट्रैफिक जाम’ के समाधान की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कानपुर के पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-91 (NH-91) पर रामादेवी से गोल चौराहा तक 4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए 988.30 करोड़ रुपये के बजट को आधिकारिक स्वीकृति दे दी है।

सांसद रमेश अवस्थी का वादा पूरा, धरातल पर उतरेगा विकास

इस परियोजना की सफलता का श्रेय कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी को जाता है, जिन्होंने चुनाव के दौरान जनता से शहर को जाम मुक्त करने का वादा किया था। सांसद ने पदभार संभालने के बाद से ही संसद से लेकर मंत्रालय तक इस प्रोजेक्ट के लिए लगातार पैरवी की। मंगलवार को नितिन गडकरी द्वारा सोशल मीडिया पर दी गई इस जानकारी के बाद कानपुरवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि सांसद ने जो कहा, वह कर दिखाया।

10.16 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर: 16 रेलवे क्रॉसिंग के झंझट से मिलेगी मुक्ति

यह प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर लगभग 10.160 किलोमीटर लंबा होगा। इस मार्ग की सबसे बड़ी चुनौती वर्तमान में मौजूद 16 रेलवे क्रॉसिंग हैं। इन क्रॉसिंगों के कारण पीक ऑवर्स में वाहनों को घंटों तक रुकना पड़ता था, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती थी बल्कि ईंधन की खपत और प्रदूषण भी बढ़ता था।

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परियोजना की मुख्य विशेषताएं:

  • कुल लागत: 988.30 करोड़ रुपये।
  • लंबाई: 10.16 किलोमीटर।
  • लेन: 4-लेन अत्याधुनिक सड़क।
  • मुख्य लाभ: रेलवे क्रॉसिंग और प्रमुख चौराहों के ऊपर से बिना रुके आवाजाही।

कानपुर की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण को मिलेगा लाभ

विशेषज्ञों के अनुसार, यह एलिवेटेड रोड केवल एक सड़क नहीं बल्कि कानपुर की ‘इकोनॉमिक लाइफलाइन’ साबित होगी। रामादेवी से गोल चौराहा का मार्ग शहर के व्यावसायिक केंद्रों को जोड़ता है। इस कॉरिडोर के बनने से:

  1. समय की बचत: यात्रा का समय 45 मिनट से घटकर मात्र 15-20 मिनट रह जाएगा।
  2. ईंधन की बचत: बार-बार रुकने और स्टार्ट करने से होने वाली पेट्रोल-डीजल की बर्बादी रुकेगी।
  3. प्रदूषण में कमी: जाम खत्म होने से शहर की हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
  4. व्यापारिक सुगमता: मालवाहक वाहनों की आवाजाही आसान होने से औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

सुरक्षा और आधुनिक इंजीनियरिंग का बेजोड़ संगम

सड़क सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह प्रोजेक्ट अत्यंत महत्वपूर्ण है। एलिवेटेड रोड होने के कारण पैदल यात्रियों और स्थानीय यातायात का मुख्य हाईवे ट्रैफिक से टकराव कम होगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में भारी कमी आने की संभावना है। प्रोजेक्ट को आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के साथ तैयार किया जाएगा, जिसमें लाइटिंग, ड्रेनेज और साउंड बैरियर्स का भी ध्यान रखा जाएगा।

जनता में भारी उत्साह

कानपुर के सिविल लाइंस, स्वरूप नगर और रामादेवी क्षेत्र के निवासियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि इस एलिवेटेड रोड के निर्माण के बाद कानपुर का बुनियादी ढांचा महानगरों की तर्ज पर विकसित होगा। अब सभी की निगाहें इस प्रोजेक्ट के शिलान्यास और निर्माण कार्य शुरू होने की तारीख पर टिकी हैं।

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