कानपुर के लिए बड़ी खुशखबरी: EU के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से निर्यात में 22%

कानपुर के निर्यात को लगेंगे पंख: EU के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से 22% बढ़ेगा कारोबार, ट्रंप के टैरिफ वार का तोड़ तैयार

कानपुर के निर्यात बाजार में नई जान फूंकने की तैयारी। यूरोपीय संघ के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के माध्यम से शहर के प्रमुख उद्योगों को वैश्विक स्तर पर बड़ी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलने वाली है।

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ख़बर एक नज़र में :
  • यूरोपीय संघ के साथ FTA से कानपुर के निर्यात में 22% की संभावित वृद्धि।
  • अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी आयात शुल्कों (Tariffs) के प्रभाव को कम करने में मिलेगी मदद।
  • चमड़ा, होजरी और इंजीनियरिंग सामानों के लिए खुलेंगे नए रास्ते।
  • स्थानीय रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी की प्रबल संभावना।

कानपुर। ‘पूरब का मैनचेस्टर’ कहे जाने वाले कानपुर के औद्योगिक गलियारों के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) कानपुर के निर्यातकों के लिए संजीवनी साबित हो सकता है। ताजा अनुमानों के अनुसार, इस समझौते के लागू होने से कानपुर के कुल निर्यात में कम से कम 22 प्रतिशत की भारी वृद्धि होने की संभावना है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह समझौता अमेरिका द्वारा लगाए जा रहे नए व्यापारिक प्रतिबंधों और भारी टैरिफ के संभावित नुकसान की भरपाई करने में सक्षम होगा।

यूरोपीय बाजारों में कानपुर की धमक

कानपुर का चमड़ा उद्योग, कपड़ा (होजरी) और इंजीनियरिंग उत्पाद दुनिया भर में अपनी पहचान रखते हैं। वर्तमान में, भारतीय उत्पादों को यूरोपीय बाजारों में प्रवेश करने के लिए भारी सीमा शुल्क का भुगतान करना पड़ता है, जिससे वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों के मुकाबले हमारी प्रतिस्पर्धा कम हो जाती है। FTA के लागू होते ही कानपुर के उत्पादों पर लगने वाला यह शुल्क शून्य या बेहद कम हो जाएगा, जिससे स्थानीय कंपनियों को सीधा लाभ मिलेगा।

अमेरिकी टैरिफ का मुकाबला करने की रणनीति

वैश्विक व्यापारिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। अमेरिका द्वारा ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति के तहत आयात शुल्कों में की गई वृद्धि ने कानपुर के निर्यातकों की चिंता बढ़ा दी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि EU के साथ व्यापार समझौता एक ‘बफर’ के रूप में कार्य करेगा। यदि अमेरिका में बाजार सिकुड़ता है, तो यूरोपीय देशों (जैसे जर्मनी, फ्रांस और इटली) में बढ़ा हुआ निर्यात कानपुर की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।

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किन उद्योगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?

  1. लेदर इंडस्ट्री: कानपुर के जूते, बेल्ट और चमड़े के परिधानों की यूरोप में भारी मांग है। ड्यूटी फ्री एक्सेस से लाभ मार्जिन में 10-15% का सुधार हो सकता है।
  2. वस्त्र उद्योग: होजरी और रेडीमेड गारमेंट्स के लिए नए बाजार खुलेंगे।
  3. इंजीनियरिंग गुड्स: मशीनरी पार्ट्स और टूल्स के निर्यात में भी तेजी आने की उम्मीद है।

निर्यातकों में उत्साह की लहर

स्थानीय चैंबर ऑफ कॉमर्स और निर्यातक संगठनों ने इस विकास का स्वागत किया है। निर्यातकों का कहना है कि यदि यह समझौता समय पर परवान चढ़ता है, तो न केवल विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ेगा, बल्कि कानपुर में हजारों नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। एमएसएमई (MSME) इकाइयों के लिए यह अपनी क्षमता विस्तार करने का सुनहरा मौका होगा।

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