कानपुर: शहर के चर्चित ग्वालटोली लैंबॉर्गिनी कार एक्सीडेंट मामले में पुलिस का शिकंजा अब कार मालिक के करीबियों पर भी कसना शुरू हो गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में सोमवार को एक बड़ा अपडेट सामने आया, जब कार मालिक शिवम मिश्रा के पिता, के.के. मिश्रा अचानक ग्वालटोली थाने पहुंचे। भारी सुरक्षा घेरे और पुलिस के कड़े पहरे के बीच उन्होंने जांच अधिकारियों के सामने अपने बयान दर्ज कराए।
DCP की निगरानी में हुई पूछताछ
मामले की गंभीरता और शहर में इस हादसे को लेकर बढ़ते आक्रोश को देखते हुए स्वयं डीसीपी (DCP) और कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी थाने में मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, के.के. मिश्रा से कार के दस्तावेजों, दुर्घटना के समय कार की लोकेशन और उनके बेटे शिवम मिश्रा की भूमिका को लेकर गहन पूछताछ की गई। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या हादसे के बाद किसी प्रकार के साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
थाने के बाहर रही गहमागहमी
जैसे ही यह सूचना फैली कि लैंबॉर्गिनी कांड से जुड़े मुख्य चेहरे के पिता थाने पहुंचे हैं, मीडिया और स्थानीय लोगों का जमावड़ा लग गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए थाने के मुख्य गेट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। लगभग एक घंटे से अधिक चली प्रक्रिया के बाद के.के. मिश्रा पुलिस स्टेशन से रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने मीडिया के कैमरों से दूरी बनाए रखी।
क्या था पूरा मामला?
गौरतलब है कि ग्वालटोली क्षेत्र में तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी कार ने कहर बरपाया था, जिसके बाद से यह मामला शहर की सुर्खियों में बना हुआ है। महंगी लग्जरी कार और रसूखदार परिवार से जुड़े होने के कारण पुलिस पर भी निष्पक्ष जांच का दबाव है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संवेदनशील जांच है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
जांच के अगले चरण
पुलिस अब सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और के.के. मिश्रा के बयानों का मिलान कर रही है। आने वाले दिनों में कुछ और गवाहों और कार में सवार अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है। डीसीपी ने स्पष्ट किया है कि जांच वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है और जल्द ही इस मामले में बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
