कानपुर में ‘जीरो फैटेलिटी’ लक्ष्य के साथ राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आगाज़; ब्लैक स्पॉट्स पर एक्शन शुरू। – NewsKranti

कानपुर में ‘जीरो फैटेलिटी’ लक्ष्य के साथ राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आगाज़; ब्लैक स्पॉट्स पर एक्शन शुरू।

मुख्यमंत्री के निर्देशों पर कानपुर को सड़क दुर्घटना मुक्त बनाने के लिए परिवहन विभाग और निर्माण एजेंसियां मुस्तैद। कोहरे में सुरक्षा और थकान से बचाव के लिए चालकों को दी गई विशेष हिदायत।

Saniya Soni
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Highlights
  • अवधि: 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक।
  • लक्ष्य: जीरो फैटेलिटी (Zero Fatality) - सड़क दुर्घटना में शून्य मृत्यु।
  • फोकस: कोहरे में सुरक्षा, रिफ्लेक्टर टेप, और चालकों की काउंसलिंग।
  • तकनीकी सुधार: कुल 295 (266 क्रिटिकल + 29 ब्लैक स्पॉट) स्थानों का सर्वे और सुधार।

कानपुर: ‘जीरो फैटेलिटी माह’ के संकल्प के साथ सड़क सुरक्षा अभियान तेज, 295 ब्लैक स्पॉट्स पर होगा सुधारकानपुर नगर | 04 जनवरी, 2026

मुख्य संवाददाता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में प्रदेश भर में आयोजित हो रहे ‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह’ (01 जनवरी से 31 जनवरी, 2026) को कानपुर नगर में ‘जीरो फैटेलिटी’ (शून्य मृत्यु दर) संकल्प के साथ मनाया जा रहा है। रविवार को जनपद में परिवहन विभाग और निर्माण एजेंसियों ने संयुक्त रूप से जागरूकता एवं प्रवर्तन की व्यापक कार्यवाही की, जिसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोकना है।

थकान और नींद से होने वाले हादसों पर लगाम की कवायद

अभियान के दौरान परिवहन विभाग के अधिकारियों ने लंबी दूरी तय करने वाले भारी और व्यावसायिक वाहनों के चालकों से संवाद किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लगातार वाहन चलाने से उत्पन्न थकान और नींद की झपकी सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण बनती है। चालकों को सलाह दी गई कि वे पर्याप्त विश्राम के उपरांत ही स्टीयरिंग संभालें।

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कोहरे को लेकर विशेष सतर्कता: रिफ्लेक्टर टेप अनिवार्यशीत ऋतु और घने कोहरे के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सुरक्षात्मक उपायों पर जोर दिया गया। प्रवर्तन टीम ने वाहनों के आगे और पीछे रिफ्लेक्टर टेप की जांच की और जहां आवश्यक था, वहां टेप लगवाए गए। चालकों को निर्देशित किया गया कि कम दृश्यता (Low Visibility) के दौरान हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स का उचित प्रयोग करें और गति सीमा का विशेष ध्यान रखें।

266 क्रिटिकल लोकेशन और ब्लैक स्पॉट्स का होगा कायाकल्प

सड़क सुरक्षा को केवल जागरूकता तक सीमित न रखते हुए, तकनीकी सुधारों पर भी काम शुरू कर दिया गया है। ‘सेव लाइफ फाउंडेशन’ द्वारा तैयार एक्शन प्लान के तहत जनपद में व्यापक सर्वे किया गया:

266 गंभीर दुर्घटना संभावित स्थल (Critical Crash Prone Locations) की पहचान की गई है।

पूर्व के 17 पुराने ब्लैक स्पॉट्स पर उपचारात्मक कार्यों की समीक्षा हुई।

12 नए ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित कर वहां तत्काल रेमेडियल मेजर्स (सुधार कार्य) शुरू करने के निर्देश दिए गए।

नोडल लोक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों ने इन स्थलों का मौका-मुआयना किया ताकि इंजीनियरिंग संबंधी खामियों को दूर कर हादसों को रोका जा सके।

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