पर्थ/कैनबरा:
ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर विनाशकारी ‘बुशफायर’ (जंगलों की आग) की चपेट में है। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी तट पर स्थित फिट्जगेराल्ड रिवर नेशनल पार्क में भड़की आग ने अब उग्र रूप धारण कर लिया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 60,000 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि जलकर खाक हो चुकी है।
1,500 लोगों को पलायन का आदेश
आग की लपटें तेजी से पर्थ के दक्षिण-पूर्वी इलाकों की ओर बढ़ रही हैं। डिपार्टमेंट ऑफ फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (DFES) ने रेवेन्सथोर्प और उसके आस-पास के शहरों के लिए तत्काल निकासी (Evacuation) के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है— “आप खतरे में हैं, अपनी जान बचाने के लिए तुरंत यहां से निकल जाएं।”
बिजली गिरने से शुरू हुई थी तबाही
जांच में सामने आया है कि यह आग 16 जनवरी को नेशनल पार्क में बिजली गिरने की वजह से लगी थी। भीषण गर्मी और तेज हवाओं ने आग को फैलने में मदद की, जिससे अब यह बेकाबू हो गई है। पर्थ से 120 किलोमीटर दूर स्थित चार छोटे शहरों के लगभग 1,500 निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
हाईवे बंद, राहत कार्य जारी
आग की वजह से कई मुख्य हाईवे को बंद कर दिया गया है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप है। न्यूडेगेट शहर में विस्थापितों के लिए इवैक्यूएशन सेंटर खोला गया है। अग्निशमन दल के सैकड़ों कर्मचारी और विमान आग बुझाने की कोशिशों में जुटे हैं, लेकिन तेज गर्मी बड़ी बाधा बनी हुई है।
