ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में कुदरत का कहर: 60,000 हेक्टेयर इलाका राख, 1500 से अधिक लोगों को घर छोड़ने का आदेश, पर्थ के पास रेड अलर्ट – NewsKranti

ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में कुदरत का कहर: 60,000 हेक्टेयर इलाका राख, 1500 से अधिक लोगों को घर छोड़ने का आदेश, पर्थ के पास रेड अलर्ट

ऑस्ट्रेलिया के फिट्जगेराल्ड रिवर नेशनल पार्क में लगी भीषण आग अब रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रही है। प्रशासन ने इसे 'जान-माल के लिए बड़ा खतरा' बताते हुए इमरजेंसी अलर्ट जारी किया है और हाईवे बंद कर दिए हैं।

admin
By
admin
2 Min Read
ख़बर एक नज़र में :
  • फिट्जगेराल्ड रिवर नेशनल पार्क में 60,000 हेक्टेयर जंगल जलकर राख।
  • बिजली गिरने के कारण 16 जनवरी को शुरू हुई थी आग।
  • रेवेन्सथोर्प समेत कई शहरों में इमरजेंसी और निकासी के आदेश।
  • 1,500 से अधिक लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया।
  • पर्थ के दक्षिण-पूर्व में चार शहरों पर सबसे अधिक खतरा।

पर्थ/कैनबरा:

ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर विनाशकारी ‘बुशफायर’ (जंगलों की आग) की चपेट में है। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी तट पर स्थित फिट्जगेराल्ड रिवर नेशनल पार्क में भड़की आग ने अब उग्र रूप धारण कर लिया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 60,000 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि जलकर खाक हो चुकी है।

1,500 लोगों को पलायन का आदेश

आग की लपटें तेजी से पर्थ के दक्षिण-पूर्वी इलाकों की ओर बढ़ रही हैं। डिपार्टमेंट ऑफ फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (DFES) ने रेवेन्सथोर्प और उसके आस-पास के शहरों के लिए तत्काल निकासी (Evacuation) के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है— “आप खतरे में हैं, अपनी जान बचाने के लिए तुरंत यहां से निकल जाएं।”

बिजली गिरने से शुरू हुई थी तबाही

जांच में सामने आया है कि यह आग 16 जनवरी को नेशनल पार्क में बिजली गिरने की वजह से लगी थी। भीषण गर्मी और तेज हवाओं ने आग को फैलने में मदद की, जिससे अब यह बेकाबू हो गई है। पर्थ से 120 किलोमीटर दूर स्थित चार छोटे शहरों के लगभग 1,500 निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।

- Advertisement -

हाईवे बंद, राहत कार्य जारी

आग की वजह से कई मुख्य हाईवे को बंद कर दिया गया है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप है। न्यूडेगेट शहर में विस्थापितों के लिए इवैक्यूएशन सेंटर खोला गया है। अग्निशमन दल के सैकड़ों कर्मचारी और विमान आग बुझाने की कोशिशों में जुटे हैं, लेकिन तेज गर्मी बड़ी बाधा बनी हुई है।

Share This Article