महाकाल के दर्शन कर लौट रहे कानपुर देहात के 4 लाडलों की दर्दनाक मौत: मुंबई हाईवे पर ट्रक ने रौंदा; रूरा कस्बे में पसरा सन्नाटा - NewsKranti

महाकाल के दर्शन कर लौट रहे कानपुर देहात के 4 लाडलों की दर्दनाक मौत: मुंबई हाईवे पर ट्रक ने रौंदा; रूरा कस्बे में पसरा सन्नाटा

उज्जैन से लौटते समय ट्रक की चपेट में आए रूरा के चार युवक। आदित्य, प्रांजल और श्रेष्ठ समेत चार की मौत। कस्बे में नहीं जले चूल्हे, हर आंख नम।

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ख़बर एक नज़र में :
  • हादसा: मुंबई नेशनल हाईवे एक्सप्रेस-वे पर दोपहर 2 बजे हुआ भीषण एक्सीडेंट।
  • मृतक: रूरा कस्बे के आदित्य दुबे, प्रांजल चतुर्वेदी, श्रेष्ठ बाजपेई और एक अन्य साथी।
  • वजह: तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से चारों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ा।
  • पृष्ठभूमि: दो दिन पहले ही रूरा से उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर दर्शन के लिए निकले थे दोस्त।
  • मातम: कस्बे के पालीवाल नगर और रामनगर में शोक की लहर, परिजनों का बुरा हाल।

कानपुर देहात (कस्बा रूरा)। “कल तक जिनकी हंसी से पूरा मोहल्ला गूंजता था, आज उनकी अर्थियों के इंतजार में पूरा कस्बा पथराई आंखों से हाईवे की ओर ताक रहा है।” कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पालीवाल नगर और रामनगर के लिए सोमवार का दिन एक ऐसी त्रासदी लेकर आया, जिसने हर दिल को दहला दिया। बाबा महाकाल के दर्शन कर वापस अपने घर लौट रहे कस्बे के चार होनहार युवकों की मुंबई नेशनल हाईवे एक्सप्रेस-वे पर एक भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई।

दर्शन कर लौटते समय काल ने घेरा

मिली जानकारी के अनुसार, रूरा निवासी आदित्य दुबे (20) उर्फ अंकुश पुत्र बिंदु दुबे, प्रांजल चतुर्वेदी (26) पुत्र लाला चौबे, और श्रेष्ठ बाजपेई (20) पुत्र अनुपम बाजपेई अपने एक अन्य साथी के साथ दो दिन पूर्व बड़े उत्साह के साथ उज्जैन स्थित बाबा महाकालेश्वर के दर्शन के लिए निकले थे। सोमवार दोपहर लगभग 2:00 बजे जब वे मुंबई नेशनल हाईवे एक्सप्रेस-वे से गुजर रहे थे, तभी उनकी गाड़ी एक अनियंत्रित तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि चारों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

कस्बे के ‘सितारे’ थे चारों युवक

इस हादसे ने रूरा के भविष्य को गहरा जख्म दिया है। मृतक प्रांजल चतुर्वेदी रूरा विद्युत विभाग में बिजली बिल विभाग में कार्यरत थे और अपनी मृदुभाषी छवि के लिए जाने जाते थे। वहीं, श्रेष्ठ बाजपेई के पिता कस्बे में विद्यालय संचालित करते हैं। आदित्य उर्फ अंकुश अभी मात्र 20 वर्ष का था और अपनी पूरी जिंदगी उसके सामने थी। दोस्तों के समूह में इन चारों की अटूट दोस्ती की मिसाल दी जाती थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

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स्तब्ध है रूरा, घरों में नहीं जले चूल्हे

जैसे ही हादसे की खबर कस्बे में पहुंची, मानों रूरा की धड़कनें रुक गईं। रामनगर और पालीवाल नगर की गलियों में सन्नाटा पसर गया। जिन घरों में युवाओं के स्वागत की तैयारियां हो रही थीं, वहां अब चीख-पुकार मची है। कस्बे के लोगों ने स्वतः स्फूर्त अपनी दुकानें बंद कर दीं और पीड़ितों के घर पर भीड़ जमा हो गई। बताया जा रहा है कि मृतकों के साथियों और परिजनों का हाल बेहाल है, वे अपने कलेजे के टुकड़ों के अंतिम दर्शन के लिए बिलख रहे हैं। आज पूरे मोहल्ले में किसी के घर चूल्हा नहीं जला है।

प्रशासनिक कार्रवाई और जांच

हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है। ट्रक चालक की तलाश जारी है। रूरा पुलिस और प्रशासन के अधिकारी शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं, लेकिन इस अपूरणीय क्षति की भरपाई नामुमकिन है।

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