महाराष्ट्र की राजनीति में 'पवार' गेम: सुनेत्रा की ताजपोशी पर शरद पवार का बड़ा बयान, क्या टूटेगा विलय का सपना? - NewsKranti

महाराष्ट्र की राजनीति में ‘पवार’ गेम: सुनेत्रा की ताजपोशी पर शरद पवार का बड़ा बयान, क्या टूटेगा विलय का सपना?

अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। शरद पवार ने इस नियुक्ति और दोनों गुटों के विलय पर चुप्पी तोड़ते हुए कई अनकहे राज खोले हैं।

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बारामती/मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति के ‘चाणक्य’ शरद पवार ने शनिवार को बारामती में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन अटकलों पर चुप्पी तोड़ी, जो पिछले कई दिनों से राज्य के सियासी गलियारों में तैर रही थीं। अजित पवार के विमान दुर्घटना में असामयिक निधन के बाद, उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के फैसले पर शरद पवार ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस बारे में अंधेरे में रखा गया।

“मुझे टीवी से पता चला” – सुनेत्रा की ताजपोशी पर बोले सीनियर पवार

शरद पवार ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) के रूप में शपथ लेने की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। उन्होंने मीडिया से कहा, “मुझे इस शपथ ग्रहण के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई, न ही मुझसे कोई चर्चा हुई। मुझे इसके बारे में समाचारों के जरिए पता चला। सुनेत्रा को पद देने का फैसला उनकी पार्टी (अजित गुट) का आंतरिक मामला है। प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने यह निर्णय लिया होगा।”

पवार का यह बयान संकेत देता है कि अजित पवार के जाने के बाद भी दोनों गुटों के बीच की दूरियां कम नहीं हुई हैं। सुनेत्रा पवार ने शनिवार शाम राजभवन में पद की शपथ ली, जिससे वे महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम बन गई हैं।

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12 फरवरी: वो तारीख जब होने वाला था ‘महा-विलय’

प्रेस कॉन्फ्रेंस का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा वह था जब शरद पवार ने खुलासा किया कि दोनों एनसीपी (NCP) के एक होने की प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी थी।

“अजित पवार की दिली इच्छा थी कि दोनों गुट फिर से एक हो जाएं। पिछले चार महीनों से जयंत पाटिल और अजित पवार के बीच विलय को लेकर सकारात्मक बातचीत चल रही थी। हमने 12 फरवरी 2026 की तारीख भी तय कर ली थी, जब इस विलय का आधिकारिक ऐलान होना था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।” — शरद पवार

अजित के करीबियों पर शरद पवार का तंज?

सीनियर पवार ने यह भी स्पष्ट किया कि विलय की प्रक्रिया अब अनिश्चितकाल के लिए टल सकती है। उन्होंने कहा कि अजित दादा के रहते जो समीकरण बन रहे थे, अब उनके बिना उन पर आगे बढ़ना चुनौतीपूर्ण है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सुनेत्रा पवार को जल्दबाजी में शपथ दिलाना प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे की एक रणनीति हो सकती है ताकि पार्टी पर शरद पवार के प्रभाव को कम किया जा सके।

क्या सुप्रिया सुले को दिल्ली भेजने का था प्लान?

सूत्रों और रिपोर्टों के अनुसार, विलय के फॉर्मूले के तहत अजित पवार महाराष्ट्र में पार्टी का चेहरा रहने वाले थे और सुप्रिया सुले को केंद्र में केंद्रीय मंत्री का पद मिलने की चर्चा थी। शरद पवार ने इन खबरों पर सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा, लेकिन यह जरूर स्वीकार किया कि बातचीत “सकारात्मक दिशा” में थी।

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