कानपुर: सरस आजीविका मेले में दिखी महिला उद्यमिता की सशक्त तस्वीर; विधानसभा अध्यक्ष ने किया शुभारंभ – NewsKranti

कानपुर: सरस आजीविका मेले में दिखी महिला उद्यमिता की सशक्त तस्वीर; विधानसभा अध्यक्ष ने किया शुभारंभ

कानपुर के मोतीझील में 6 जनवरी तक चलने वाले 'सरस आजीविका मेले' में ग्रामीण महिला उद्यमियों के हुनर की झलक दिख रही है। 60 स्टालों के माध्यम से हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद और पारंपरिक परिधानों की प्रदर्शनी और बिक्री की जा रही है।

Saniya Soni
3 Min Read
Highlights
  • स्थान: मोतीझील लॉन-2, कानपुर।
  • अवधि: 4 जनवरी से 6 जनवरी 2026 तक।
  • समय: सुबह 11:00 बजे से रात 08:00 बजे तक।
  • प्रतिभागी: 60 स्वयं सहायता समूह (कानपुर मंडल)।
  • प्रमुख उत्पाद: लेदर बैग, जमदानी साड़ियां, जैविक मसाले, कन्नौज का इत्र, मिलेट्स स्नैक्स।

कानपुर, 4 जनवरी 2026। उत्तर प्रदेश सरकार की महिला सशक्तिकरण और ‘लोकल फॉर वोकल’ की नीति अब धरातल पर रंग लाती दिख रही है। रविवार को कानपुर के मोतीझील लॉन-2 में ‘सरस आजीविका मेला-2026’ का औपचारिक उद्घाटन उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय भी अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। 6 जनवरी तक चलने वाला यह मेला ग्रामीण महिलाओं को सीधे शहरी बाजार से जोड़ने और उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने का एक बड़ा मंच बनकर उभरा है।

सांस्कृतिक धरोहर और आत्मविश्वास का संगम

उद्घाटन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने स्टालों का अवलोकन किया और महिलाओं के उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा, “समरसता भारतीय संस्कृति का मूल स्वभाव है। इस तरह के आयोजनों से न केवल हमारे पारंपरिक खान-पान और हस्तशिल्प को नई पहचान मिलती है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास और अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की ललक भी स्पष्ट दिखाई दे रही है।”

प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने ‘स्वदेशी’ के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना ही ‘विकसित भारत’ की नींव है। आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य इन छोटी इकाइयों की मजबूती से ही संभव है।

- Advertisement -

60 स्वयं सहायता समूहों का जलवा

मेले में कुल 60 स्वयं सहायता समूहों (SHG) ने अपने स्टॉल लगाए हैं, जिनमें कानपुर नगर के 29 और मंडल के अन्य पांच जनपदों के 31 समूह शामिल हैं। इन स्टालों पर सौंदर्य उत्पाद, सुगंधित इत्र, पारंपरिक परिधान, सखी लेदर उत्पाद, जैविक कृषि उत्पाद और हस्तशिल्प की भारी विविधता उपलब्ध है। मेला प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा।

सम्मानित हुईं ‘लखपति दीदियां’

कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया:

सीमा देवी (उज्जवला समूह): जमदानी साड़ी एवं सूट।ऋतु (मां दुर्गा समूह): शुद्ध मसाला उत्पाद।

संगीता सिंह (आत्मनिर्भर समूह): मिलेट्स (मोटा अनाज) उत्पाद।

आकांक्षा रजिया (किरण समूह): बुटीक एवं गारमेंट।मीरा देवी (मानसी समूह): घरेलू सजावटी हस्तशिल्प।

आकर्षण का केंद्र बने पुरस्कार प्राप्त उत्पादमेले में उन उत्पादों की भारी मांग है जिन्हें पहले भी सराहा जा चुका है। कन्नौज का मशहूर गुलाब जल (तारावती, गौरीशंकर समूह), औरैया के आंवला उत्पाद (मेनका, गंगा देवी समूह) और फर्रुखाबाद के फिनायल-हैंडवॉश (मंजू, जनहित समूह) लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मेले में आएं और इन महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पाद खरीदकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में योगदान दें।

Share This Article