नई दिल्ली | 5 फरवरी, 2026
संसद के बजट सत्र में आज उस वक्त मर्यादाओं की सीमाएं लांघी जाती दिखीं, जब राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच सीधी भिड़ंत हो गई। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान जेपी नड्डा ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर ‘अबोध बालक’ होने का तंज कसा, जिसके बाद सदन में जबरदस्त हंगामा शुरू हो गया।
जेपी नड्डा का प्रहार: “कांग्रेस एक अबोध बालक की बंधक न बने”
राज्यसभा में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस जैसी पुरानी पार्टी को अपनी गरिमा समझनी चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं खड़गे जी से कहना चाहता हूं कि अपनी पार्टी को स्वतंत्र रूप से चलाइए, इसे किसी ‘अबोध बालक’ (अज्ञानी बच्चे) का बंधक मत बनने दीजिए।” नड्डा का इशारा सीधे तौर पर राहुल गांधी की ओर था, जिन्हें लेकर विपक्षी सांसद लोकसभा में उन्हें बोलने न देने का आरोप लगाकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। नड्डा ने आगे कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष केवल सदन को बाधित करने में विश्वास रखता है।
खड़गे का पलटवार: “आपको तो मोदी जी ने बंधक बना रखा है”
नड्डा के ‘बंधक’ वाले बयान पर खड़गे ने तुरंत मोर्चा संभाला और बेहद तल्ख लहजे में जवाब दिया। खड़गे ने कहा, “आप हमें सलाह दे रहे हैं, लेकिन हकीकत तो यह है कि आपको खुद प्रधानमंत्री मोदी ने बंधक बना रखा है। आप उनकी मर्जी के बिना एक शब्द नहीं बोल सकते।” खड़गे ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता (राहुल गांधी) को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों (चीन सीमा विवाद और पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की किताब) पर बोलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संसद का मतलब केवल एक सदन नहीं है, बल्कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों मिलकर लोकतंत्र के स्तंभ हैं।
चीन विवाद और ‘लिंचिंग’ शब्द पर गरमाया माहौल
बहस के दौरान खड़गे ने जैसे ही पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब का जिक्र करना चाहा, सत्ता पक्ष के सांसदों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। किरेन रिजिजू और निर्मला सीतारमण ने खड़गे के भाषण में ‘लिंचिंग’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग की। वित्त मंत्री ने कांग्रेस शासित राज्यों में हुई पुरानी घटनाओं का हवाला देते हुए विपक्ष को घेरा।
प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया: “वे राहुल गांधी से क्यों डरते हैं?”
संसद परिसर के बाहर प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी नड्डा के ‘अबोध’ वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या किसी के बारे में इस तरह बात करना सही है? भाजपा आखिर किस बात से डरी हुई है? वे डरे हुए हैं कि राहुल गांधी किसी किताब से सच बोल देंगे या ट्रेड डील पर सवाल पूछेंगे।”
