कानपुर, 07 फरवरी 2026। औद्योगिक नगरी कानपुर में शातिर चोरों के हौसले बुलंद हैं। गुजैनी थाना क्षेत्र में चोरी की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पुलिस की गश्त और सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। चोरों ने एक मार्केटिंग मैनेजर के बंद घर को निशाना बनाते हुए करीब 20 लाख रुपये की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि चोर इतने पेशेवर थे कि वे अपने पीछे कोई डिजिटल सबूत न रह जाए, इसके लिए घर में लगा सीसीटीवी का डीवीआर (डिस्क वीडियो रिकॉर्डर) भी साथ ले गए।
मां की बीमारी के कारण लखनऊ में था परिवार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुजैनी निवासी सतीश पांडेय एक प्रतिष्ठित मार्केटिंग कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। सतीश ने बताया कि उनकी मां मीरा देवी की रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) का ऑपरेशन लखनऊ के एक अस्पताल में हुआ था। ऑपरेशन के बाद मां को डिस्चार्ज मिला, लेकिन देखभाल के लिए सतीश अपने पिता के साथ लखनऊ में ही रुके हुए थे। घर पूरी तरह बंद था और सतीश अपनी नौकरी के सिलसिले में भी अक्सर शहर से बाहर रहते थे।
1 फरवरी को कटा ‘डिजिटल कनेक्शन’
सतीश ने सुरक्षा के लिहाज से घर में आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे, जिनका लाइव फुटेज वह अपने मोबाइल पर देखते रहते थे। सतीश के मुताबिक, 1 फरवरी को अचानक उनके मोबाइल पर कैमरों का कनेक्शन कट गया। उन्हें लगा कि शायद कोई तकनीकी खराबी या इंटरनेट की समस्या होगी। लेकिन जब 4 फरवरी की सुबह वह परिवार के साथ वापस कानपुर लौटे, तो मुख्य द्वार का ताला टूटा देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
खंगाली अलमारियां, बिखरा पड़ा था सामान
घर के अंदर का नजारा भयावह था। चोरों ने कमरों में रखी अलमारियों और तिजोरियों के ताले कटर से काट दिए थे। सारा सामान फर्श पर बिखरा पड़ा था। सतीश ने जब सामान की पड़ताल की तो पता चला कि चोरों ने 5.25 लाख रुपये नकद, सात जोड़ी चांदी के पायल, सोने की भारी चेन, कान के कुंडल, कई अंगूठियां और वर्षों से सहेज कर रखे गए चांदी के सिक्के चोरी कर लिए हैं। कुल मिलाकर चोरी हुए माल की कीमत 20 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है।
शातिर दिमाग चोर: सबूतों का नामोनिशान मिटाया
पुलिस को जांच में पता चला कि चोरों को घर की भौगोलिक स्थिति और कैमरों की पूरी जानकारी थी। उन्होंने सबसे पहले सीसीटीवी कैमरों को उखाड़ा और फिर घर के अंदर लगे डीवीआर को भी निकाल ले गए, ताकि पुलिस को कोई फुटेज न मिल सके। इससे स्पष्ट होता है कि वारदात को अंजाम देने से पहले घर की कई दिनों तक ‘रेकी’ की गई थी।
पुलिस की कार्रवाई: फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स ने जुटाए सबूत
घटना की सूचना पर गुजैनी थाना प्रभारी राजन शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। फॉरेंसिक टीम और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। थाना प्रभारी ने बताया, “पीड़ित की तहरीर के आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इलाके के अन्य सीसीटीवी कैमरों और संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया जा रहा है। जल्द ही गिरोह का खुलासा किया जाएगा।”
