कानपुर, 5 फरवरी। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में पिछले कई दिनों से जारी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बाद जैसे ही गुरुवार को बादलों की ओट से सूरज निकला, शहर की फिजा ही बदल गई। इस बदली हुई रंगत का सबसे खूबसूरत नजारा कानपुर प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में देखने को मिला। लंबे समय से अपने नाइट शेल्टर और गुफाओं में दुबके वन्यजीव सुनहरी धूप की पहली किरण के साथ ही बाड़ों में चहलकदमी करते नजर आए। प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह किसी उत्सव से कम नहीं था।
बाघों की दहाड़ और भालुओं की अठखेलियाँ
ठंड के कारण सुस्त पड़े वन्यजीवों में धूप ने जैसे नई जान फूंक दी हो। चिड़ियाघर के सबसे पसंदीदा आकर्षण बाघ और शेर अपने पत्थरों पर बैठकर ‘सनबाथ’ लेते देखे गए। वहीं, हिमालयन भालू अपने बाड़े में मस्ती करते और पेड़ों पर चढ़ने की कोशिश करते नजर आए।
- हिरणों की चौकड़ी: धूप खिलते ही हिरणों के झुंड ने घास के मैदानों में दौड़ लगानी शुरू कर दी।
- पक्षियों का कलरव: विदेशी पक्षियों और झीलों में मौजूद बत्तखों की चहचहाहट ने पूरे परिसर को जीवंत कर दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई ‘वाइल्डलाइफ’ मस्ती
मौसम साफ होते ही चिड़ियाघर में पर्यटकों की आमद अचानक बढ़ गई। युवाओं से लेकर बच्चों तक, हर कोई इन दुर्लभ पलों को अपने कैमरों में कैद करने के लिए बेताब दिखा।
- वीडियो और रील्स: भालुओं के खेल और बाघों की सुस्ती के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं।
- फैमिली पिकनिक: बड़ी संख्या में परिवार पिकनिक मनाने और वन्यजीवों को करीब से देखने पहुंचे, जिससे चिड़ियाघर प्रशासन को अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी।
पशु स्वास्थ्य के लिए ‘विटामिन-डी’ का वरदान
चिड़ियाघर के विशेषज्ञों और डॉक्टरों का मानना है कि जानवरों के लिए प्राकृतिक धूप बेहद जरूरी है।
“लंबे समय तक धूप न मिलने से जानवरों में सुस्ती और मेटाबॉलिज्म की समस्या हो सकती है। खिली हुई धूप न केवल उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाती है, बल्कि उनके व्यवहार में भी सकारात्मक बदलाव लाती है।”
आने वाले दिनों में और बढ़ेगी रौनक
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले सप्ताह में आसमान साफ रहने और धूप तेज होने के आसार हैं। इसे देखते हुए चिड़ियाघर प्रशासन ने पर्यटकों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। प्लास्टिक मुक्त परिसर और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
